नरसिंहपुर में रेलवे ट्रैक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने से रेल यात्रा हुई प्रभावित, टल गया बड़ा हादसा
मध्यप्रदेश: नरसिंहपुर जिले में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। यहां रेलवे गेट पर एक ट्रैक्टर ट्राली वाहन का रेलवे फाटक पर हिच (कुंदा ) टूटने से वह रेल पटरियों पर खड़ी हो गई, जिसके बाद रेल प्रशासन में अफरातफरी का माहौल देखा गया और तत्काल ट्रेनों की आवाजाही सूचना देकर बंद कराई गई ।
ट्रैक्टर-ट्रॉली में मूंग लेकर जा रहा था किसान
जानकारी अनुसार, जिले के सालीचौका रेलवे फाटक क्रमांक 251 पर सोमवार को एक किसान मूंग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर रेलवे फाटक से गुजर रहा था, इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर बने गढ़ों की वजह से ट्रैक्टर वाहन में फसी हुई ट्राली का हिच ( कुंदा ) अचानक टूट जाने के कारण वह रेलवे ट्रैक पर ही अटक गई, जिसके बाद रेलवे गेटमैन द्वारा तत्काल इस घटना की जानकारी रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी और फिर अधिकारियों द्वारा तत्काल वहा से गुजरने वाली ट्रेनों का आवागमन रोका गया।
ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने से रेल यातायात हुआ प्रभावित
बताया जा रहा है कि रेलवे ट्रैक पर ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने से रेल यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे अमरकंटक एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस और दानापुर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को लगभग एक घंटे से अधिक समय तक रुकना पड़ा। जैसे-जैसे लोगों को पता चला तो वह मौके पर बड़ी संख्या में जमा हो गए और ट्रॉली को ट्रैक से हटाने की कोशिश शुरू की गई।
रेलवे फाटक के बीच सड़क की हालत बेहद खराब
वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक के बीच सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं हो पाता। लोगों का आरोप है कि इन्हीं गड्ढों के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पर दबाव पड़ा और उसका हिच ( कुंदा) टूट गया।
जेसीबी की मदद से हटाई गई ट्रैकर ट्रॉली
गनीमत रही कि ट्रॉली फंसने के दौरान कोई ट्रेन मौके पर नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने रेल प्रशासन से रेलवे फाटक के बीच बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं इस घटना के बाद जैसे ही रेल विभाग को इसकी जानकारी मिली तो कर्मचारी व पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर ट्राली को रेल पटरियों से समय रहते हटाया गया और फिर रेलवे गेट बंद कराकर ट्रेनों का आवागमन सुरक्षित जारी कराया गया।
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