बलरामपुर में दर्दनाक हादसा, चरने गई 6 भैंसें मृत मिलीं; जांच में जुटा वन विभाग
बलरामपुर: रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक-15 निवासी अकलू यादव पिता त्रिवेणी यादव की 6 भैंसों की जंगल में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन की तरह भैंसें जंगल की ओर चरने गई थीं। जिसके बाद सभी भैस जंगल में ही संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गई। लोगों ने आशंका जाहिर की है कि जंगली-जानवरों को मारने के उद्देश्य से विद्युत तार बिछाए रहे होंगे, जिसमे संपर्क में आने के कारण उनकी मृत्यु हो गई होंगी।
पूरी घटना की जानकारी अकलू यादव को तब हुई, जब देर शाम तक भैंसें वापस घर नहीं लौटीं। इसके बाद वे जंगल की ओर खोजने गए, जहां सभी भैंसें मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। बताया जा रहा है कि एक भैंस की कीमत लगभग 50 हजार रुपये थी। इस हिसाब से पशुपालक को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद अकलू यादव और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था और इस घटना से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस रास्ते पर करंटयुक्त तार बिछाया गया था, उसी मार्ग से वन विभाग की नर्सरी में काम करने वाले कर्मचारी एवं ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यह घटना किसी बड़ी जनहानि का कारण भी बन सकती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व भी इसी क्षेत्र में जीआई तार की चपेट में आने से मितगई एक युवक की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद इस प्रकार की खतरनाक गतिविधियों पर रोक नहीं लग पाई है।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत भैंसों का उचित मुआवजा दिलाने तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। रेंजर दिलरुबा बानो मोके पर पहुची। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
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