लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की देश की राज

यूपी में दिल्ली-एनसीआर व पूर्वांचल के क्षेत्रों के बीच यात्रा होगी सुगम

यूपी में दिल्ली-एनसीआर व पूर्वांचल के क्षेत्रों के बीच यात्रा होगी सुगम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की देश की राजधानी दिल्ली से कनेक्टिविटी सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इसके तहत प्रयागराज और मेरठ को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेस वे को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से लिंक करने की परियोजना का काम अंतिम चरण में है। जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में सड़क आवागमन बेहतर बनाने की दिशा में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। NHAI ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली 14 किलोमीटर लंबी लिंक रोड का निर्माण कार्य जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्रों के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। 

इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से प्रयागराज, वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों तक का सफर काफी आसान और कम समय में पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबी दूरी और भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। खासकर प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने में काफी समय लगता है। लेकिन इस लिंक रोड के शुरू होने के बाद यह दूरी और यात्रा समय दोनों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी गति मिलेगी।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य में छह नार्थ-साउथ हाईवे कारिडोर परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनमें से दो कारिडोर का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, भूमि अधिग्रहण का काम शुरू किए जाने की तैयारी है। पहला कारिडोर कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-जमानिया होते हुए वाराणसी तक तथा दूसरा कारिडोर पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-बांसी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक के बीच बनेगा।

दोनों कारिडोर में पीडब्ल्यूडी द्वारा कराए जाने वाले कार्यों में से तीन खंडों का काम स्वीकृत होने के साथ ही हुए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाईवे कारिडोर का काम लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) द्वारा किया जाना है। दोनों कारिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने पर पूर्वांचल के दर्जन भर पिछड़े जिले आपस में फोर लेन हाईवे से जुड़ जाएंगे।

यूपी के प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय चौहान ने बताया है कि कुशीनगर-देवरिया-गाजीपुर-वाराणसी हाईवे में 31.5 किमी कसया-देवरिया मार्ग तथा 21.75 किमी देवरिया-बरहज मार्ग का निर्माण कार्य स्वीकृत कर दिया गया है। वहीं पिपरी (भारत नेपाल सीमा)-बांसी-सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक प्रस्तावित हाईवे में 9.4 किमी बर्डपुर पिपरहवा मार्ग का काम भी स्वीकृत किया गया है। अन्य खंडों के काम भी जल्द स्वीकृत किए जाएंगे।

विशेष सचिव प्रभुनाथ के मुताबिक हाईवे कारिडोर के 62 किमी कार्य के लिए 725 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अभी 235 किमी कार्य स्वीकृत किए जाना शेष है। मुख्य अभियंता (मुख्यालय-एक) अनिल कुमार दुबे के मुताबिक दोनों कारिडोर का काम दो वर्ष में पूरा होगा। भूमि अधिग्रहण के साथ ही निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

चौहान ने बताया कि कुशीनगर - देवरिया - दोहरीघाट - गाजीपुर - जमानिया होते हुए वाराणसी तक बनने वाले कारिडोर की कुल लंबाई 220 किमी है। दोहरीघाट - मऊ - गाजीपुर खंड तथा गाजीपुर-वाराणसी पहले से चार लेन हैं। कुशीनगर-देवरिया और देवरिया-दोहरीघाट खंड का कार्य लोक निमार्ण द्वारा किया जाना है। जिसकी अनुमानित लागत 342 करोड़ रुपये है।

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