त्रिपुरा विधानसभा में धनखड़ की मौत पर फिर हंगामा, विपक्ष ने मांगी स्वतंत्र जांच
अगरतला: त्रिपुरा विधानसभा में शुक्रवार को पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ की अप्राकृतिक मौत की जांच को लेकर फिर से हंगामा मच गया। विपक्षी विधायकों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। यह हंगामा चल रहे मानसून सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत में ही शुरू हो गया। मुख्यमंत्री माणिक साहा द्वारा पूर्व पुलिस प्रमुख की मौत के संबंध में सदन में दिए गए बयान के एक दिन बाद कार्यवाही शुरू होते ही सीपीआई (एम) के विधायक सदन के वेल में प्रवेश कर गए और धनखड़ की मौत की जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
डीजीपी की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग
विपक्ष ने डीजीपी की मौत से संबंधित परिस्थितियों की जांच के लिए त्रिपुरा उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र जांच समिति के गठन की मांग की। कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ पार्टी नेता सुदीप रॉय बर्मन ने भी गुरुवार को विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान के एक विशिष्ट हिस्से पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि उस विशेष वाक्य या हिस्से को बयान से हटा दिया जाए। धनकर की मृत्यु से जुड़े मामलों की जांच का मुद्दा विधानसभा में एक बार फिर राजनीतिक तनाव का कारण बन गया है। विपक्षी सदस्यों ने चल रही जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग के बीच विरोध जारी
ये बार-बार होने वाले विरोध प्रदर्शन विपक्ष की उस मांग के बीच हो रहे हैं, जिसमें जनता का विश्वास जीतने वाली और पूर्व डीजीपी की मृत्यु के कारणों को स्पष्ट करने वाली जांच की मांग की जा रही है। इससे पहले डीजीपी अनुराग धनकर की मृत्यु के बाद त्रिपुरा सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सशस्त्र पुलिस) जी.एस. राव को तत्काल प्रभाव से कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल प्रमुख) नियुक्त किया था। सामान्य प्रशासन (कार्मिक एवं प्रशिक्षण) विभाग द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, राव अगले आदेश तक कार्यवाहक डीजीपी, त्रिपुरा का पद संभालेंगे।
अनुराग धनकर का रहा लंबा और सम्मानित पुलिस करियर
आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी धनकर की मृत्यु के बाद लिया गया है, जो त्रिपुरा में पुलिस महानिदेशक (पुलिस बल प्रमुख) के पद पर कार्यरत थे। त्रिपुरा कैडर के 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अनुराग धनकर ने 1995 में राज्य में सेवा में प्रवेश किया और अपने विशिष्ट करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) से लेकर पुलिस महानिदेशक तक के पदोन्नति क्रम में उन्होंने अपनी व्यावसायिकता, नेतृत्व और लोक सेवा के प्रति समर्पण के लिए व्यापक सम्मान अर्जित किया।
धनकर को उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए मिले कई सम्मान
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके महत्वपूर्ण योगदानों को भी रेखांकित किया। धनकर ने कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दीं और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसई) में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनकी उत्कृष्ट सेवा को मान्यता देते हुए, उन्हें सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया।
(इनपुट: ANI)
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