मोतिहारी में त्रिवेणी कैनाल टूटी, हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न होने की आशंका
मोतिहारी (बिहार)। जिले में त्रिवेणी कैनाल विभाग की कथित लापरवाही के कारण बड़ा नुकसान सामने आया है। रक्सौल-भेलाही मार्ग पर जयमंगलपुर गांव के समीप त्रिवेणी कैनाल करीब 50 फीट से अधिक टूट गई, जिससे नहर का पानी आसपास के खेतों में फैल गया। इससे हजारों एकड़ धान की सिंचित फसल जलमग्न होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं नहर टूटने के कारण रक्सौल से भेलाही होकर पश्चिमी चंपारण जाने वाला प्रमुख मार्ग भी बाधित हो गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
गंडक बैराज से आया बाढ़ का पानी
जानकारी के अनुसार, पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से त्रिवेणी कैनाल के माध्यम से नेपाल सीमा और घोड़ासहन क्षेत्र तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है, कि पिछले कई दिनों से जयमंगलपुर के पास नहर में पानी का रिसाव हो रहा था, लेकिन त्रिवेणी कैनाल विभाग के अधिकारियों ने समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई।
लापरवाही से बढ़ा रिसाव
लापरवाही के चलते रिसाव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार नहर करीब 50 फीट तक टूट गई। नहर टूटने से तेज़ी से बहता पानी आसपास के खेतों में फैल गया है, जिससे हजारों एकड़ धान की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसान फसल बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार पानी भरने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
नहर की तत्काल मरम्मत की अपील
प्रभावित किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल नहर की मरम्मत कर पानी का बहाव रोकने, फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रिसाव को रोका गया होता तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था।
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