इसके अलावा, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जमा

ट्विशा शर्मा मामलाः सास गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द

भोपालः ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पीड़ित परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि जबलपुर हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और जांच से जुड़ी आपत्तियों पर विचार करने के बाद मृतका की सास गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है।

हाई कोर्टः गंभीर आरोपों से जुड़ा है मामला

यह मामला नवनिर्मित भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गंभीर आरोपों से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने गिरीबाला सिंह, राज्य सरकार और ट्विशा शर्मा के पिता की दलीलें सुनने के बाद जमानत के आदेश को खारिज कर दिया। वकील अंकुर पांडे के अनुसार, हाई कोर्ट ने माना कि सत्र न्यायालय ने जांच पूरी होने से पहले ही जल्दबाजी में यह निष्कर्ष निकाल लिया था कि कोई सबूत नहीं है।

बदनाम करने की कोशिश भी की

इसके अलावा, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद गिरीबाला सिंह ने मृतका ट्विशा शर्मा के चरित्र को बदनाम करने की कोशिश की और जांचकर्ताओं का सहयोग नहीं किया। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी।

सीबीआई ने सास से की पूछताछ

मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तेज कर दी है। सीबीआई की एक विशेष टीम ने हाल ही में घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले से जुड़े सबूतों को इकट्ठा किया।​ घटना स्थल का जायजा लेने के बाद सीबीआई के अधिकारियों ने मृतका की सास और सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम बेंच-2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह से कड़ी पूछताछ की।

​पूछताछ के दौरान उठाए गए सवाल

​जांच टीम ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के लंबे न्यायिक करियर का हवाला देते हुए उनसे तीखे सवाल किए। सीबीआई अधिकारियों ने उनसे पूछा, आप वर्षों तक न्यायाधीश रही हैं और आपने अपने कार्यकाल के दौरान इस तरह के न जाने कितने ही आपराधिक और संवेदनशील मामलों में फैसले सुनाए हैं। कानून की इतनी अच्छी समझ होने के बावजूद आपके अपने घर में ऐसा कैसे हुआ?

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