मैहर में 34 लाख की धोखाधड़ी, अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े मामले में दो सगे भाई गिरफ्तार
मैहर (मध्य प्रदेश)। मैहर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के अंतर्गत कार्यरत पुणे की निजी कंपनी में करीब 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बालाघाट निवासी दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों पर कंपनी से काम छोड़ चुके 17 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर वेतन और भत्ते की रकम अपने करीबियों के खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आयोकी फैब्रिकॉन प्राइवेट लिमिटेड (पुणे) में बालाघाट के हट्टा निवासी जैनेन्द्र पातरे (36) एडमिन ऑफिसर और उसका भाई संदीप पातरे (32) असिस्टेंट एडमिन के पद पर कार्यरत थे। दोनों के पास ही मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, अवकाश, वेतन और भत्तों का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी थी।
2023 से 2025 के बीच दिया वारदात को अंजाम
दोनों भाइयों ने पद का दुरुपयोग करते हुए वर्ष 2023 से 2025 के बीच काम छोड़ चुके 17 मजदूरों की पोर्टल पर फर्जी हाजिरी दर्ज की। इसके बाद मस्टर रोल में मजदूरों के बैंक खातों के स्थान पर चरणबद्ध तरीके से अपने 15 रिश्तेदारों और परिचितों के खाते दर्ज कर दिए। इस तरह आरोपियों ने कंपनी के खाते से कुल 33,98,087 रुपये ट्रांसफर कर हड़प लिए।
आंतरिक जांच में खुला राज
वर्ष 2026 की शुरुआत में भुगतान में गड़बड़ी की आशंका होने पर कंपनी प्रबंधन ने आंतरिक जांच कराई, जिसमें दोनों भाइयों की संलिप्तता उजागर हुई। इसके बाद कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर (एडमिन) अखिलेश कुमार मिश्रा ने मैहर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बालाघाट से किया गिरफ्तार
मामले की गहन जांच के बाद मैहर पुलिस ने 3 अक्टूबर को बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। मैहर पुलिस की टीम ने बालाघाट में दबिश देकर कई दिनों की तलाश के बाद दोनों भाइयों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। मैहर लाकर पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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