राजस्थान: ₹53 लाख की चोरी का खुलासा: 1200 CCTV फुटेज खंगालकर दो शातिर बदमाश गिरफ्तार
नागौर (राजस्थान)। नागौर जिले की मेड़ता सिटी पुलिस ने ग्राम डांगावास में दिनदहाड़े हुई करीब 53 लाख रुपये के सोना-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हनुमानगढ़ निवासी हरदीप सिंह संधु और सनी माली को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर पूर्व में 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों का किया सम्मान
पुलिस अब चोरी गए माल की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है। वहीं बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा करने पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए पुलिस अधिकारियों का सम्मान किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी मेडता रामकरण सिंह मलिंडा के सुपरविजन में पुलिस थाना मेडतासिटी, जिला स्पेशल टीम (DST), साइबर सेल और हनुमानगढ़ एजीटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने करीब 12 से 13 दिन तक लगातार तकनीकी और फील्ड स्तर पर गहन जांच की।
क्या था मामला?
पुलिस के अनुसार, 27 मई 2026 को डांगावास निवासी देवाराम जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह घर बंद कर गांव गया था। दोपहर में लौटने पर घर का मुख्य ताला टूटा मिला। अंदर अलमारी और बक्सों के ताले भी टूटे हुए थे तथा उनमें रखे करीब 34-35 तोला सोना-चांदी के आभूषण और करीब ढाई लाख रुपये नकद गायब थे। मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया। जांच के दौरान संदिग्ध मार्गों पर लगे करीब 1000 से 1200 CCTV कैमरों की फुटेज, मोबाइल टावर डेटा, तकनीकी साक्ष्य और फील्ड इंटेलिजेंस का विश्लेषण किया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
चोरी के लिए अपनाते थे अनोखा तरीका
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति के हैं और पूर्व में भी चोरी, लूट तथा अन्य आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। आरोपी ट्रेन के जरिए विभिन्न शहरों में पहुंचते थे और रेलवे स्टेशन के आसपास से मोटरसाइकिल चोरी कर लेते थे। इसके बाद दिन में ऐसे मकानों को निशाना बनाते थे जिन पर बाहर से ताला लगा होता था। पहचान छिपाने के लिए आरोपी मास्क, गमछा, कैप और चश्मे का इस्तेमाल करते थे, जिससे CCTV फुटेज में उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।
कई जिलों में वारदातों का खुलासा होने की संभावना
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग के सदस्य नागौर के अलावा जयपुर, सीकर, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, डीडवाना, जोधपुर और पाली जिलों में भी चोरी की वारदातों में शामिल हो सकते हैं। पुलिस इन जिलों की लंबित वारदातों से भी आरोपियों का कनेक्शन खंगाल रही है। गिरफ्तार आरोपी सनी माली के खिलाफ पूर्व में लूट, चोरी, नकबजनी और एनडीपीएस एक्ट के करीब 8 से 9 मामले दर्ज हैं। वहीं हरदीप सिंह संधु के खिलाफ लूट, डकैती, चोरी और धोखाधड़ी के लगभग 7 से 8 मामले दर्ज बताए गए हैं।
ASP आशाराम चौधरी ने क्या कहा?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने बताया कि डांगावास चोरी प्रकरण का खुलासा पुलिस टीमों के बेहतर समन्वय, तकनीकी अनुसंधान, फील्ड इंटेलिजेंस और व्यापक CCTV विश्लेषण के जरिए संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि घटना स्थल और आसपास पर्याप्त CCTV कैमरे नहीं होने से शुरुआती जांच में कठिनाई आई। इसलिए नागरिकों और ग्रामीणों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगवाने चाहिए, ताकि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में पुलिस को सहायता मिल सके।
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