जौनपुर में टेंडर से पहले शुरू हुए दो काम, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल
जौनपुर: नगर की बदहाल गलियों, टूटी सड़कों और जाम नालियों के बीच नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नया विवाद सामने आया है। आरोप है कि जिन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई, उनमें से दो कार्यों को मौके पर पहले ही शुरू करा दिया गया। इससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका की ओर से अधिशासी अधिकारी के आवास की मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए करीब 9.89 लाख रुपये और हाइडिल तिराहे के सुंदरीकरण के लिए करीब 6.50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन दोनों कार्यों समेत कुल 41 कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
टेंडर खुलने से पहले काम शुरू
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एक अक्टूबर को दोपहर तीन बजे तक टेंडर जमा होने हैं और शाम चार बजे उन्हें खोला जाना है। ऐसे में टेंडर खुलने से पहले ही संबंधित कार्यों का धरातल पर शुरू हो जाना कई सवाल खड़े करता है। सबसे अहम सवाल यह है कि जब अभी ठेकेदार का चयन नहीं हुआ, तो काम शुरू करने वाले ठेकेदार को किस आधार पर कार्य मिलने का भरोसा हुआ? नियमों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने, चयनित ठेकेदार के साथ आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और कार्यादेश जारी होने के बाद काम शुरू कराया जाता है। ऐसे में समय से पहले काम शुरू होने को लेकर नगर पालिका प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग उठ रही है।
जलभराव और टूटी सड़कों के बीच सौंदर्यीकरण पर खर्च
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर की कई गलियां जलभराव, टूटी सड़कों और खराब नालियों की समस्या से जूझ रही हैं। ऐसे में अधिकारियों के आवास और तिराहे के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च करने की प्राथमिकता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, कार्यों को लेकर पहले से ठेका तय होने और टेंडर को महज औपचारिकता बनाए जाने जैसी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब निगाह टेंडर प्रक्रिया और नगर पालिका प्रशासन के स्पष्टीकरण पर है।
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