नाबालिग से दुष्कर्म और मानव तस्करी मामले में दो इनामी आरोपी गिरफ्तार
सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। मासूम बच्चियों की सुरक्षा को तार-तार करने वाले एक सनसनीखेज मामले में थाना जियावन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ अपहरण, बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और मानव व्यापार (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) जैसे जघन्य अपराध में फरार चल रहे दो इनामी अपराधियों रज्जू बसोर (47) और महिला आरोपी लंगड़िया उर्फ रमपतिया बसोर (50) को पुलिस ने तत्परता से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर ₹2,000-₹2,000 का इनाम घोषित था। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों को जिला जेल पचौर भेज दिया गया है।
शातिर तरीके से मिटाए जा रहे थे सबूत
पुलिस जांच में इस घिनौने अपराध से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को आरोपी रज्जू बसोर की निशानदेही पर जप्त किया गया, जिसकी पूरी कार्यवाही की डिजिटल वीडियोग्राफी नए कानून के तहत eSakshya ऐप के माध्यम से की गई। वहीं महिला आरोपी लंगड़िया बसोर ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से पीड़िता का पहचान दस्तावेज जला दिया था।
मासूम को बंधक बनाकर किया अत्याचार
पीड़िता की शिकायत पर पोक्सो (POCSO) एक्ट और बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों ने मासूम को बहला-फुसलाकर अगवा किया, विभिन्न स्थानों पर बंधक बनाकर उसके साथ दरिंदगी की और उसे मानव व्यापार का शिकार बनाया। मामले में एक आरोपी नकछेडिया बंसल को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
पुलिस अधीक्षक का सख्त रुख
एसपी सिंगरौली षियाज़ के.एम., एएसपी सर्वप्रिय सिन्हा एवं एसडीओपी देवसर डॉ. गायत्री तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक शेष नारायण दुबे की टीम (एएसआई दिनेश कुमार, एचसी दिलीप तिवारी, महिला आरक्षक जया दुबे) ने घेराबंदी कर दोनों फरार आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रज्जू बसोर पहले से ही मारपीट और गाली-गलौज जैसे कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
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