सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन को बड़ी सौगात, 8.60 किमी बायपास रेलवे लाइन को मंजूरी
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले देश भर से बेहतर कनेक्टविटी के लिए कई रेल और रोड प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। इसी कड़ी में उज्जैन के लिए रेलवे ने बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। उज्जैन बायपास रेलवे लाइन परियोजना के तहत 8.60 किमी लंबी रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 189 करोड़ रु खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट उज्जैन के लिए काफी अहम है क्योंकि इस प्रोजेक्ट से उज्जैन में ट्रेनों के संचालन में खासी मदद मिलेगी। धार्मिक पर्यटन के लिए आने वाले करोड़ों श्रृद्धालुओं के लिए सहूलियत होगी, ट्रेन समयबद्ध चलेंगी, यात्रियों का भारी दबाव कम होगा और मालगाड़ियों के समयबद्ध संचालन से आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी।
सिंहस्थ को लेकर चल रहे है अरबों के प्रोजेक्ट
2028 उज्जैन सिहंस्थ के मद्देनजर कई रेल और रोड प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसी कड़ी में उज्जैन बायपास रेलवे परियोजना को स्वीकृति दी गई है, जो उज्जैन के रेल यातायात के लिए काफी सुविधाजनक साबित होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 189.04 करोड़ की लागत से 8.60 किमी लंबा रेलवे बायपास बनाया जाएगा।
उज्जैन जंक्शन पर खत्म होगी ट्रेनों के रिवर्सल की समस्या
पश्चिम मध्य रेलवे के तहत नई खेरी-चिंतामन गणेश को जोड़ने वाली 8.60 किमी लंबी उज्जैन बायपास रेलवे लाइन का उद्देश्य मुख्य रूप से उज्जैन जंक्शन पर ट्रेनों के रिवर्सल की समस्या को समाप्त करना है। अब तक उज्जैन में ट्रेनों का यातायात सुगम रखने के लिए (रिवर्सल) वापस मोड़ा जाता है। लेकिन इस प्रोजेक्ट के अस्तित्व में आते ही यह समस्या खत्म हो जाएगी। फिलहाल उज्जैन जंक्शन पर यातायात सुगम रखने और कई ट्रेनों की दिशा बदलने के लिए रिवर्सल करने की मजबूरी है। वर्तमान में ट्रेनों के परिचालन और यात्रा में लगने वाले समय पर असर पड़ता है। बायपास रेलवे लाइन के अस्तित्व में आते ही रिवर्सल की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी और ट्रैनों की आवाजाही सुगम और आसान होगी।
मोहन यादव ने रेल मंत्री का जताया आभार
प्रोजेक्ट के मंजूर होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुशी जाहिर करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "इस लाइन के प्रारंभ होने से उज्जैन के समीप वैकल्पिक रेल मार्ग उपलब्ध होगा। यह 'सिंहस्थ-2028' के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाएगा। उज्जैन से ट्रेनों को वापस मोड़ने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और ट्रेनों में विलंब नहीं होगा। इस बायपास रेल लाइन को स्वीकृति देने के लिए माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार।"
जानिए दर्शन व्यवस्था तक पूरा रूट मैप
मध्यप्रदेश में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में इस प्रोजेक्ट की मंजूरी को अहम माना जा रहा है। इस परियोजना से मालवा अंचल में आर्थिक विकास रफ्तार पकड़ेगा। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर काफी अहम मानी जा रही है, जो यात्रियों के समय की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी में मददगार होगी। सिंहस्थ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर रेल सुविधा और रेलों के बिना लेटलतीफी के संचालन में सुधार होगा। बायपास लाइन से उज्जैन ही नहीं आसपास के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचने में सुगमता होगी।
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