सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क न

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में सड़क निर्माण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, ठेकेदारों और कंसल्टेंट पर 66 लाख का जुर्माना

Ujjain Imposes Rs 66 Lakh Fine for Delays in Simhastha 2028 Road Works

उज्जैन (मध्य प्रदेश)। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत शहर में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों की धीमी रफ्तार और लापरवाही पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शहर के प्रमुख निर्माण मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों में देरी, मलबा नहीं हटाने, निर्माण सामग्री की कमी और तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने जैसी खामियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित ठेकेदारों और कंसल्टेंट पर कुल 66 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए।

नीलकंठ से महाकाल चौराहे तक काम में देरी पर जुर्माना

नीलकंठ से महाकाल चौराहे तक करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 370 मीटर लंबे मार्ग को 24 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यहां भवनों की तुड़ाई का काम धीमा मिला और मलबा भी नहीं हटाया गया था। इस पर ठेकेदार योगेश इंटरप्राइजेस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, ड्राइंग-डिजाइन उपलब्ध नहीं कराने पर कंसल्टेंट टेक्नोजेम पर 1 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई।

रामानुज कोट-दानीगेट मार्ग पर भी मिलीं खामियां

रामानुज कोट से दानीगेट तक 470 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण कार्य भी निरीक्षण के दौरान जांचा गया। यहां निर्माण की धीमी गति के साथ नाली और बाउंड्रीवॉल निर्माण में जरूरी सामग्री की कमी पाई गई। इस लापरवाही पर ठेकेदार विजय इंफ्रा पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, नाले की क्रॉसिंग के दौरान 1600 एमएम की पाइपलाइन नहीं डालने पर टाटा कंपनी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए।

24 खंबा से हरसिद्धि पाल मार्ग का भी किया निरीक्षण

निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने 24 खंबा से हरसिद्धि पाल तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने शेष भवनों की तुड़ाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही नाली निर्माण में प्री-कास्ट तकनीक अपनाने और नल कनेक्शन सहित अन्य कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।

अतिरिक्त श्रमिक और मशीनें लगाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ठेकेदारों को अतिरिक्त श्रमिक और मशीनें लगाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। निगम का जोर सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और गुणवत्ता बनाए रखने पर है।

सिंहस्थ 2028 से पहले सड़क निर्माण पूरा करना चुनौती

सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए शहर में सड़क चौड़ीकरण के कार्य समय पर पूरे होना जरूरी है। निर्माण कार्यों में मिली खामियों के बाद नगर निगम ने जुर्माने की कार्रवाई की है। अब इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्यों की रफ्तार कितनी बढ़ती है और निर्धारित समयसीमा में काम कितना पूरा होता है, इस पर नजर रहेगी।

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