देश में बेरोजगारी दर घटकर हुई 5 प्रतिशत, ग्रामीण इलाकों में बड़ा सुधार
नई दिल्ली: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी नवीनतम आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के अनुसार, अगस्त 2026 में 15 साल और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर जुलाई के 5.1 प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 5.0 प्रतिशत हो गई, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई, जो इस वर्ष जनवरी के बाद से सबसे कम है।
ग्रामीण बेरोजगारी घटी, श्रम बल भागीदारी बढ़ी
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) पद्धति के तहत समग्र बेरोजगारी दर (UR) अगस्त 2025 की तुलना में लगभग स्थिर रही, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर एक वर्ष पहले के 4.3 प्रतिशत से घटकर अगस्त 2026 में 4.1 प्रतिशत हो गई, यानी इसमें 0.2 प्रतिशत अंक की गिरावट आई। हालांकि, शहरी बेरोजगारी जुलाई के 6.7 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर 6.8 प्रतिशत हो गई। समग्र बेरोजगारी में गिरावट के साथ-साथ श्रम बल भागीदारी और श्रमिक जनसंख्या अनुपात में वृद्धि हुई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की समग्र श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) अगस्त में बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 55.4 प्रतिशत थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुधरा श्रम बाजार, WPR और LFPR में बढ़त
वहीं, श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 52.5 प्रतिशत से बढ़कर 52.8 प्रतिशत हो गया। श्रम बाजार संकेतकों में सुधार में ग्रामीण क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ग्रामीण एलएफपीआर अगस्त में बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 58.0 प्रतिशत थी। वहीं, ग्रामीण डब्ल्यूपीआर 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गई। शहरी डब्ल्यूपीआर इस दौरान 47.0 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुष और महिला दोनों श्रमिकों की बेरोजगारी दर में भी गिरावट आई।
महिला श्रम बल भागीदारी में सुधार
कुल मिलाकर पुरुषों की बेरोजगारी दर लगातार तीसरे महीने गिरकर अगस्त में 4.9 प्रतिशत हो गई, जो मई में 5.4 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी दर जुलाई में 4.6 प्रतिशत से घटकर 4.3 प्रतिशत हो गई। महिलाओं में समग्र बेरोजगारी दर लगातार दूसरे महीने गिरकर अगस्त में 5.1 प्रतिशत हो गई, जो जून में 5.9 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की बेरोजगारी जुलाई में 4.3 प्रतिशत से घटकर 3.9 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर लगभग स्थिर रही। वहीं, महिला श्रम बल भागीदारी में लगातार सुधार हुआ है।
अगस्त में एलएफपीआर बढ़कर 34.8% हुई
कुल महिला श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) अगस्त में बढ़कर 34.8 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 34.4 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में 33.7 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला श्रम बल भागीदारी दर जुलाई में 38.8 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गई। अगस्त के पीएलएफएस अनुमान 3,70,160 व्यक्तियों से एकत्रित जानकारी पर आधारित हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए 2,11,353 लोग और शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए 1,58,807 लोग शामिल हैं।
(इनपुट: ANI)
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