औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार

औरंगाबाद में रेलवे ट्रैक से अज्ञात अधेड़ का शव बरामद, ट्रेन की चपेट में आने से मौत की आशंका

Unidentified Man's Body Found on Railway Track in Aurangabad’s Rafiganj

औरंगाबाद (बिहार)। औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को रेलवे ट्रैक से एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर फेसरा गांव के समीप धावा नदी पुल पर पोल संख्या 27 और 29 के बीच रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

ग्रामीणों की नजर पड़ते ही फैली सनसनी

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर कुछ ग्रामीण रेलवे ट्रैक की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर ट्रैक पर पड़े एक क्षत-विक्षत शव पर पड़ी। शव की स्थिति काफी खराब थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। काफी संख्या में लोगों ने शव को देखा, लेकिन कोई भी उसकी पहचान नहीं कर सका।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलने पर रफीगंज थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि लगभग 50 वर्षीय एक अज्ञात अधेड़ का शव रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया है।

ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

शव की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है, लेकिन यह दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी जांच की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक कौन था और वह घटनास्थल तक कैसे पहुंचा। पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव की तस्वीर आसपास के थानों को भेजी गई है तथा गुमशुदगी के मामलों का भी मिलान किया जा रहा है।

72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा शव

थाना अध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। यदि इस दौरान परिजन या परिचित उसकी पहचान कर लेते हैं तो शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। पहचान नहीं होने की स्थिति में सरकारी प्रावधानों के तहत पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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