उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा

यूपी में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मिली मंजूरी

Industrial Policy UP 2023

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (एसएलईसी) की बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में राज्य में उद्योग को रफ्तार देने के लिए स्टार्च निर्माण, डेयरी उत्पाद, पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन, पोल्ट्री एवं कैटल फीड, ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण आदि से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया। बैठक में इन लघु खाद्य प्रसंस्करण औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। ये सभी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत स्वीकृत की गई हैं।

अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा

कृषि उत्पादन व राज्य के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (एसएलईसी) की बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बैठक में बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में प्रदेश अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में 350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

पीएमएफएमई योजना में यूपी अव्वल

इस दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (PMFME) के तहत उत्तर प्रदेश 26,000 परियोजना स्वीकृति के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। वहीं जिलों में प्रयागराज जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति में कृषि विभाग से संबंधित 22%, उद्यान विभाग से 30%, मत्स्य से 20%, दुग्ध विकास से 22%, गन्ना विभाग से 3% तथा आयुष, आबकारी एवं पशुपालन से संबंधित 1-1% परियोजनाओं के लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किए गए हैं।

निवेशकों को सम्मान

बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि परियोजनाएं प्रस्तुत करने से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि इकाई स्थल विनियमित क्षेत्र में न हो। बैठक में "अम्ब्रोसिया प्रोडक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड" द्वारा जनपद बागपत में स्थापित फ्रोजेन फ्रूट्स एवं वेजिटेबल इकाई के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना एवं प्रदेश में निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में कदम

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कृषि विभाग से संबंधित 22%, उद्यान से 30%, मत्स्य से 20%, दुग्ध विकास से 22%, गन्ना विभाग से 3% तथा आयुष, आबकारी एवं पशुपालन से 1-1% परियोजनाओं के सापेक्ष लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किए गए हैं। यह कदम उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

यह भी पढ़े: यूपी में पुराने वाहन खरीद-बिक्री होगी ऑनलाइन

https://www.primenewsnetwork.in/state/up-old-vehicle-sale-process-goes-online/180494