यूपी कैडर की आईएएस अनामिका की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मंजूर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के आवेदन को केन्द्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। अनामिका सिंह अभी यूपी में खाद्य आयुक्त के पद पर कार्यरत थीं।
यूपी के नियुक्ति विभाग ने जारी किया फाइनल रिपोर्ट
केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने यूपी काडर की 2004 बैच की आईएएस अधिकारी अनामिका सिंह की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। वे 31 जनवरी से सेवानिवृत्त मानी जाएंगी। वे यूपी कैडर की वर्ष 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और उनकी सेवाएं 2038 तक शेष हैं। इस संबंध में यूपी के नियुक्ति विभाग ने भी फाइनल आदेश जारी कर दिया है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की अनुमति न मिलना इस्तीफे की असली वजह
अनामिका सिंह अभी खाद्य आयुक्त के पद पर कार्यरत थीं। योगी सरकार ने बीते साल सितंबर में उन्हें बरेली का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया था लेकिन बाद में उनका तबादला निरस्त कर यूपी का खाद्य आयुक्त बना दिया गया था। अनामिका सिंह ने कुछ समय पूर्व केंद्र में जाने के लिए भी यूपी राज्य सरकार से एनओसी मांगी थी। बताया जाता है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति न मिलने से वे नाराज थीं और उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया। आवेदन में उन्होंने वीआरएस की वजह पारिवारिक बताई है।
नीति आयोग और अहम मंत्रालयों में दी हैं सेवाएं
अनामिका सिंह करीब 8 साल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रह चुकी हैं। वह मई 2013 में पहली बार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गई थीं। इस दौरान वे मानव एवं संसाधन विकास मंत्रालय में अनुसचिव और उपसचिव के पद पर तैनात रहीं। नीति आयोग की निदेशक भी वह रह चुकी हैं। जुलाई 2021 में यूपी में दोबारा वापसी हुई। इसके बाद से वे बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण जैसे अहम विभागों में तैनात रह चुकी हैं।
इस्तीफा देने वाले अफसरों की लंबी होती फेहरिस्त
यूपी में हाल के महीनों में कई आईएएस अफसर वीआरएस ले चुके हैं। इससे पहले नवंबर 2025 में 1995 बैच के आईएएस अफसर अमोद कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। इसके बाद रेणुका कुमार, विकास गोठलवाल, विद्या भूषण, जूथिका पाटणकर, रिग्जियान सैंफिल, मो. मुस्तफा व राजीव अग्रवाल भी वीआरएस ले चुके हैं।