ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर मुख्य सचिव की सख्ती, डैशबोर्ड मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय के निर्देश
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश में आपराधिक न्याय प्रणाली को और मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में ICJS 2.0 परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्टेट एपेक्स कमेटी की बैठक हुई, जिसमें परियोजना की प्रगति, तकनीकी जरूरतों, विभागीय समन्वय और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने डैशबोर्ड पर राज्य की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रदर्शन में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, “One Data, One Entry” के सिद्धांत के तहत अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर डेटा साझा करने और मैनुअल कार्य को कम करने के लिए ICJS पोर्टल को प्रभावी रूप से इंटीग्रेट करने पर जोर दिया गया।
आमजन और न्यायिक तंत्र को मिलेगा लाभ
मुख्य सचिव ने कहा कि ICJS 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष लाभ आमजन और न्यायिक तंत्र को मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे कराए जाएं।
ICJS 2.0 डैशबोर्ड की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने ICJS 2.0 डैशबोर्ड पर राज्य के स्कोर कार्ड और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों और विभिन्न मानकों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, वहां प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर प्रदर्शन में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए। राज्य की प्रगति पर नियमित नजर रखने को भी उन्होंने आवश्यक बताया।
One Data, One Entry सिद्धांत पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि ICJS का मूल आधार “One Data, One Entry” का सिद्धांत है। इसका उद्देश्य एक ही सूचना को बार-बार अलग-अलग प्रणालियों में दर्ज करने की आवश्यकता को समाप्त करना और एक स्थान पर दर्ज सूचना को संबंधित सभी स्तंभों के साथ स्वतः साझा करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि ICJS पोर्टल को सभी संबंधित स्तंभों से प्रभावी रूप से इंटीग्रेट करने के लिए आवश्यकतानुसार तकनीकी संशोधन एनआईसी के माध्यम से शीघ्र कराया जाए। इससे एक ही डाटा की बार-बार एंट्री और मैनुअल कार्य में कमी लाई जा सकेगी।
विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अवशेष उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को निर्धारित मानकों के अनुरूप त्वरित गति से पूरा कराने के निर्देश दिए।
ICJS 2.0 के विभिन्न घटकों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में ICJS 2.0 परियोजना के विभिन्न घटकों, विभागीय समन्वय, तकनीकी आवश्यकताओं, डैशबोर्ड पर राज्य की प्रगति और उपलब्ध संसाधनों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा शेष उपकरणों की खरीद और आगामी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की।
वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव मा. मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं भगवान स्वरूप श्रीवास्तव और अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय डॉ. संजीव गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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