यूपी आबकारी का शानदार प्रदर्शन: पहली छमाही में ₹26,149 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व, लक्ष्य के करीब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश जनता को शाम की दवाई मुहैया कराने वाला आबकारी विभाग राजस्व वसूली के लक्ष्य प्राप्ति में नंबर वन पर आ गया है। आबकारी विभाग ने राज्य में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले राज्य कर विभाग विभाग को पछाड़ कर यह रूतबा हासिल किया है। जीएसटी की कम वसूली के कारण राज्य कर विभाग लक्ष्य प्राप्ति में सबसे पीछे रहा। यह जानकारी राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ने दी।
यूपी के वित्त एवं ससंदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राज्य के राजस्व वसूली के आंकड़े देते हुए बताया कि इस माह राज्य को पिछले माह के मुकाबले 489.51 करोड़ ज्यादा राजस्व मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर माह में 15237.44 करोड़ का राजस्व मिला है जबकि इसी अवधि में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14747.93 करोड़ का राजस्व आया था।
उन्होंने बताया कि सितंबर तक 1.04 लाख करोड़ मिले जो निर्धारित लक्ष्य का 74.2 प्रतिशत है। लक्ष्य प्राप्ति में राज्य कर विभाग सबसे पीछे रहा। पिछले वर्ष सितंबर की तुलना में इस वर्ष जीएसटी में कमी दर्ज की गई। वहीं, राजस्वं संग्रह में आबकारी विभाग नंबर वन रहा।
श्री खन्ना ने बताया कि जीएसटी के तहत सितंबर में 5610.55 करोड़ का राजस्व मिला जबकि गत वर्ष इसी माह 6108.27 करोड़ राजस्व आया था। इस बार जीएसटी पिछले वर्ष की तुलना में 497.72 करोड़ रुपये घटा है। वैट के तहत सितंबर में 2369.45 करोड़ राजस्व मिला जबकि गत वर्ष सितंबर में 2356.29 करोड़ आए थे। वैट में 13.16 करोड़ की वृद्धि हुई है।
आबकारी विभाग के राजस्व के तहत सितंबर में 3811.70 करोड़ का राजस्व आया जबकि जबकि गत वर्ष सितंबर में 3246.67 करोड़ आए थे। इस मद में 565.03 करोड़ अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। आबकारी में राजस्व प्राप्ति लक्ष्य का 90.8% रहा।
स्टांप तथा निबंधन की राजस्व प्राप्ति 2516.95 करोड़ है जबकि पिछले वर्ष इसी माह में 2177.34 करोड़ थी। परिवहन के तहत सितंबर की राजस्व प्राप्ति 745.78 करोड़ रही जबकि पिछले सितंबर में 653.80 करोड़ थी। भू-तत्व तथा खनिकर्म के तहत 183.01 करोड़ का राजस्व मिला जबकि गत वर्ष 205.56 करोड़ राजस्व मिला था। खन्ना ने बताया कि राज्यकर में राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य 85835.45 करोड़ के सापेक्ष 54874.86 करोड़ की प्राप्ति हुई जो इस अवधि तक लक्ष्य का 63.9 प्रतिशत है।