यूपी में एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा, टेंडर प्रक्रिया के लिए तय हुई समय-सीमा
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में संचालित विभिन्न एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, औद्योगिक क्लस्टर्स तथा अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेस-वे टेंडर के लिए तय हुई समय-सीमा
उन्होंने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे एवं जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के टेंडर फाइनलाइजेशन की समय-सीमा 15 अक्टूबर, 2026, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के टेंडर फाइनलाइजेशन की समय-सीमा 30 अक्टूबर, 2026 तथा मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेस-वे, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे एवं विन्ध्य पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए टेंडर अंतिमीकरण की समय-सीमा 30 नवम्बर, 2026 निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही त्वरित गति से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलम्ब न हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करें।
UPIMLC और UPDIC में भूमि अधिग्रहण पर जोर
बैठक में यूपी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (UPIMLC) तथा यूपी डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने दोनों परियोजनाओं के लिए शेष भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि परियोजनाओं के आगामी चरणों में किसी प्रकार का विलम्ब न हो।
मेडिकल डिवाइस पार्क में निर्माण तेज करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्रेटर नोएडा में जिन आवंटियों द्वारा अभी तक निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है, उनसे सक्रिय संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक भूखण्डों पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराया जाए। साथ ही, लीज डीड के निष्पादन में भी अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवंटित भूखण्डों का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित हो सके।
बीडा महायोजना-2045 को जल्द मंजूरी का लक्ष्य
बुन्देलखण्ड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीडा) की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण की महायोजना-2045 शासन से समन्वय कर 25 अक्टूबर, 2026 तक अनुमोदन प्राप्त किया जाए। उन्होंने भूमि अर्जन के लिए माहवार निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष नियमित एवं अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
28,874 एकड़ भूमि का अब तक हुआ अधिग्रहण
बैठक में बताया गया कि कुल अनुमोदित 56,662 एकड़ रकबे के सापेक्ष अब तक 28,874 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है। एक्टिवेशन एरिया के लिए 2,320 एकड़ क्षेत्रफल चिन्हित किया गया है, जिसमें प्रथम चरण में विकसित किए जाने वाले 1,000 एकड़ क्षेत्रफल की डीपीआर शासन को प्रेषित की जा चुकी है। ड्राफ्ट सेक्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है, जिसे महायोजना के अनुमोदन के उपरान्त अंतिम रूप दिया जाएगा।
मेडिकल डिवाइस पार्क में 123 प्लॉट आवंटित
बैठक में मेडिकल डिवाइस पार्क, ग्रेटर नोएडा की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पार्क में कुल 123 प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 112 के लीज प्लान प्राप्त हो चुके हैं तथा 82 लीज डीड निष्पादित की जा चुकी हैं। अब तक 71 आवंटियों द्वारा कब्जा प्राप्त किया जा चुका है, जबकि 42 प्लाटों के मैप स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 28 आवंटियों द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, 6 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा एक यूनिट कार्यशील हो गई है।
यह भी पढ़ें: केशव प्रसाद मौर्य से मिलीं बीसी सखियां, मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन