नोएडा में पिछले दिनों हुई मजदूरों की हड़ताल और हिं

नोएडा श्रमिक आंदोलन: 203 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द, ₹1.16 करोड़ का जुर्माना

फाइल फोटो

नोएडा (यूपी)। नोएडा में पिछले दिनों हुई मजदूरों की हड़ताल और हिंसक प्रदर्शन के बाद यूपी की योगी सरकार ने श्रम कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई शुरु कर दी है। इसी क्रम में राज्य के श्रम विभाग ने 24 फैक्ट्रियों के 203 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करते हुए उन पर ₹1.16 करोड़ जुर्माना ठोका है। यह कार्रवाई यूपी के नोएडा (ग्रेटर नोएडा) में हिंसक आंदोलन और श्रम कानूनों के उल्लंघन के मामलों को लेकर की गयी है।

श्रमिकों के हक मारने वालों पर कार्रवाई

श्रम विभाग के सूत्रों ने बताया कि जांच में यह पाया गया कि कई औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों को वैधानिक सुविधाएं और वेतन समय पर नहीं मिला। इससे कर्मचारियों और अन्य वर्करों में असंतोष पनपा। ठेकेदारों का यह कृत्य श्रम कानूनों के तहत श्रमिकों को मिलने वाले अधिकारों का उल्लंघन है। इसे देखते हुए 24 फैक्ट्रियों के 203 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरु करते हुए इन ठेकेदारों पर ₹1.16 करोड़ का जुर्माना ठोका गया है। यह कार्रवाई गौतम बुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद की गई है, जिसके बाद सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्च स्तरीय समिति ने वेतन में संशोधन की सिफारिश की थी।

ब्लैकलिस्ट करने और FIR की तैयारी

नोएडा के अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के बकाया भुगतान की वसूली और संदिग्ध ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी भी की जा रही है। साथ ही इन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा रहा है। यह कार्रवाई वेतन वृद्धि और बकाया भुगतान न करने के मामले में की गई है। द्विवेदी ने बताया कि जांच में पाया गया कि कई संविदाकारों ने श्रमिकों को वैधानिक लाभों से वंचित रखा, जिसके चलते कुल एक करोड़ सोलह लाख पांच हजार रुपये की पेनल्टी निर्धारित कर नोटिस जारी किए गए हैं। इस राशि से श्रमिकों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

और ठेकेदारों पर भी लटक सकती है तलवार

उत्तर प्रदेश के श्रम आयुक्त राज्य सरकार द्वारा गठित हाई लेवल कमेटी के सचिव मार्कंडेय शाही ने इस संबध में जानकारी देते हुए बताया कि श्रम कानूनों का उल्लंघन और श्रमिकों के वेतन व बकाये का समय से भुगतान नहीं होना एक गंभीर मामला है। इस संबंध में जांच अभी जारी है और जल्द ही कुछ और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

मजदूरों के वेतन में 21% बढ़ोतरी लागू

इस बीच प्रदेश सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को कम करने की कवायद तेज करते हुए मजदूरों के न्यूनतम वेतन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। गौतम बुद्ध नगर और पड़ोसी गाजियाबाद जिलों में सिफारिशों के बाद 74 अनुसूचित रोजगारों में लगे मजदूरों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई है। अधिकारियों ने बताया कि संशोधित वेतन एक अप्रैल से प्रभावी हो गया है और नई दरों के आधार पर भुगतान सात से 10 मई के बीच किया जाएगा। बढ़ा हुआ वेतन संविदा और स्थायी दोनों श्रमिकों पर लागू होगा।

ओवरटाइम और अन्य सुविधाओं पर सख्त निर्देश

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के अलावा वेतन से कोई कटौती नहीं की जाएगी तथा किसी भी उल्लंघन पर श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि श्रमिकों को मानक दर से दोगुनी दर पर ओवरटाइम, बोनस और ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।

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