उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों के ना

यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब गांवों में ही बैठेंगे लेखपाल, तहसीलों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

फाइल फोटो

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए राजस्व सेवाओं को सीधे उनके दरवाजे तक पहुंचाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अब प्रदेश के हर जिले में लेखपालों को अनिवार्य रूप से ग्राम सचिवालयों में बैठना होगा। इसके लिए बकायदा रोस्टर तैयार कर 1 जुलाई से इस नई व्यवस्था को जमीन पर उतारने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब ग्रामीणों को छोटे-छोटे कागजी कामों के लिए तहसीलों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

सुशासन को गांव तक पहुंचाने की नई पहल

इस पूरी कवायद के पीछे की क्रोनोलॉजी को समझें तो सूबे में सुशासन और पारदर्शिता को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ग्राम सचिवालयों का गठन किया गया था। पंचायतीराज विभाग ने पहले ही इन सचिवालयों में अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था तय की थी। अब इसी ढांचे को मजबूत करते हुए राजस्व परिषद ने इसमें लेखपालों की नियमित मौजूदगी को अनिवार्य कर दिया है ताकि गांव की सरकार वहीं से पूरी तरह संचालित हो सके।

अब जरूरी प्रमाणपत्रों के लिए नहीं भटकेंगे ग्रामीण

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में सभी जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है।" अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में लेखपालों के बैठने का कोई स्थान निश्चित न होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लोगों को जाति, आय या निवास प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों पर रिपोर्ट लगवाने के लिए कई दिनों तक लेखपालों को ढूंढना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था।

जमीन से जुड़ी हर योजना पर सीधी जवाबदेही तय

प्रशासनिक व्यवस्था में लेखपाल सिर्फ प्रमाणपत्र ही नहीं बनाते, बल्कि किसान सम्मान निधि, आपदा प्रबंधन, वरासत, स्वामित्व योजना, भूमि विवादों के निस्तारण और फसल गिरदावरी जैसी तमाम जमीनी योजनाओं की सबसे मजबूत कड़ी होते हैं। राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में लेखपालों के बैठने का रोस्टर तुरंत तय करें। 1 जुलाई से लागू होने वाली इस व्यवस्था के बाद ग्राम सचिवालय अब 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' के रूप में काम करेंगे, जिससे पूरी कार्यप्रणाली पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

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