आपदा प्रभावितों के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल: 1 अप्रैल से 18 सितंबर तक बांटी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी आपदाओं से पीड़ित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक आपदाओं से बचाव और राहत के मद में प्रदेश के विभिन्न जनपदों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
जनहानि और फसल क्षति से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता
विभिन्न आपदाओं से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा, ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के लिए 72.31 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसी तरह बाढ़, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के लिए 15.09 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जिससे संकट में फंसे परिवारों को सीधा संबल मिला है।
पशुहानि और घायलों के लिए राहत राशि का वितरण
सरकार की ओर से पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद दी गई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के एवज में 5.25 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, आपदाओं में घायल हुए 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की सहायता दी गई है। सरकार के इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य संकट के समय प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना और उनके नुकसान की भरपाई करना है।
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