यूपी में आईएएस संवर्ग के पदों में इजाफा, कैडर रिव्यू के बाद 31 पद बढ़े
UP News : केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के आईएएस संवर्ग के पदों का कैडर रिव्यू करते हुए राज्य में 31 नए पद बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने कैडर रिव्यू के बाद यूपी में IAS अधिकारियों की कुल स्वीकृत संख्या को 652 से बढ़ाकर 683 कर दिया है। इसके अलावा DOPT ने उत्तर प्रदेश स्टेट कैडर में भी 9 अतिरिक्त पद बढ़ाने के भी आदेश जारी किए हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में राज्य सरकार को औपचारिक आदेश भेज दिए गए हैं।
यूपी में कैडर विस्तार का सीधा लाभ प्रदेश के PCS अधिकारियों को मिलेगा। वर्ष 2026 में PCS से IAS पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों की संख्या अब बढ़कर 30 हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जल्द ही पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
केंद्र ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर संख्या निर्धारण) अधिनियम 1955 में संशोधन करते हुए नए नियम के तहत कैडर की संख्या बढ़ाई है। केन्द्र द्वारा यह कदम राज्य में प्रशासनिक दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह तुरंत प्रभाव से प्रभावी हो गई है। अधिसूचना में कहा गया है कि आईएएस (भर्ती) कानून, 1954 के नियम 8 के तहत पदोन्नति से 207 पद, जबकि 476 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यूपी कैडर में वरिष्ठ पदों की कुल संख्या 370 निर्धारित की गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व (सीडीआर) संख्या 148 पदों तक सीमित है, जबकि राज्य प्रतिनियुक्ति रिजर्व 92 पदों तक सीमित है। प्रशिक्षण रिजर्व 12 पदों का है और अवकाश रिजर्व व कनिष्ठ रिजर्व के 61 पद हैं।
अधिसूचना के अनुसार संशोधित कैडर संरचना में मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, औद्योगिक विकास आयुक्त, संभागीय आयुक्तों, प्रधान सचिवों, जिला मजिस्ट्रेट और कई विभागों व वैधानिक - प्राधिकरणों के प्रमुखों जैसे प्रमुख वरिष्ठ पद शामिल हैं।
नए कैडर नियमन में प्रधान (प्रमुख) सचिवों के 25 पद निर्धारित किये गये हैं। इसके अलावा 12 संभागीय आयुक्तों और राज्य सरकार के 46 सचिवों के पद हैं। क्षेत्रीय स्तर पर उल्लेखनीय पदों में 75 जिला मजिस्ट्रेट और राज्य सरकार के 84 विशेष सचिव के पद शामिल हैं।
कैडर में शहरी विकास प्राधिकरणों, बिजली वितरण कंपनियों, स्वास्थ्य मिशनों, ग्रामीण विकास एजेंसियों और नियामक निकायों के वरिष्ठ पद भी शामिल हैं। इस कैडर में शहरी विकास प्राधिकरणों, बिजली वितरण कंपनियों, स्वास्थ्य मिशनों, ग्रामीण विकास एजेंसियों और नियामक निकायों के वरिष्ठ पद भी शामिल हैं।
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