योगी सरकार का 'भूजल सप्ताह-2026' शुरू, इन 10 शहरों के लिए बना स्पेशल प्लान
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में तेजी से गिरते भूजल स्तर को सुधारने और जल संचयन को एक जन-आंदोलन का रूप देने के लिए योगी सरकार ने 'भूजल सप्ताह-2026' का शंखनाद कर दिया है। लखनऊ के लोहिया पार्क से शुरू हुए इस व्यापक अभियान के तहत जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संरक्षण को दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया है। सरकार ने इस बार प्रदेश के उन 10 अति-दोहित (Over-exploited) शहरों के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जहाँ पानी का संकट सबसे गंभीर स्तर पर पहुँच चुका है।
लखनऊ के लोहिया पार्क से अभियान की शुरुआत: बदला नीतिगत नैरेटिव
उत्तर प्रदेश में सिंचाई, घरेलू उपयोग और उद्योगों के लिए भूजल पर अत्यधिक निर्भरता को देखते हुए सरकार ने नीतिगत स्तर पर बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। लखनऊ के गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क एम्फीथिएटर में आयोजित भव्य समारोह में राज्य के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस सप्ताहव्यापी अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जल आर्ट गैलरी के जरिए बच्चों ने पानी बचाने की अनूठी कलाकृतियां प्रदर्शित कीं।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग) अनुराग श्रीवास्तव ने शिरकत की। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना ही इस मुहिम की सबसे बड़ी सफलता है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. श्रेया संगीत संस्थान द्वारा तैयार 'जल-एन्थम' और 'क्लाइमेट पर चर्चा' संस्था द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक व जल गीत जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए जल संकट की विभीषिका को बेहद प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
"जल का कोई विकल्प नहीं..." जल शक्ति मंत्री की दो-टूक
समारोह को संबोधित करते हुए जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने वर्तमान जल परिदृश्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा, "जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और भूजल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रदेश में सिंचाई, पेयजल तथा उद्योगों की अधिकांश आवश्यकताएँ भूजल पर निर्भर हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।"
मंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि सरकार केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम कर रही है। राज्य सरकार वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश भू-गर्भ जल अधिनियम को कड़ाई से लागू कर प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित कर रही है।
जल सरंक्षण को बनाना होगा जनांदोलन
जल शक्ति मंत्री ने केंद्र सरकार के ‘जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनांदोलन बनना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल की प्रत्येक बूंद बचाने, अनावश्यक भूजल दोहन रोकने, प्रतिदिन एक लोटा पानी बचाने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने का संकल्प दिलाया। साथ ही इस वर्ष प्रदेश के 10 अतिदोहित शहरों (मुरादाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, बरेली, लखनऊ, आगरा, कानपुर) में विशेष कार्यशालाएं और जनजागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की। यह पहल उन क्षेत्रों में भूजल स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जहां लगातार दोहन के कारण जल संकट बढ़ रहा है।
10 शहरों के लिए विशेष कार्ययोजना और 'एक लोटा पानी' का संकल्प
जल शक्ति मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के उन 10 शहरों में, जिन्हें 'अतिदोहित' (Over-exploited) श्रेणी में डाला गया है, इस वर्ष विशेष कार्यशालाएं और कठोर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित जनसमूह को रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए पांच मुख्य प्रतिज्ञाएं दिलाईं:
- वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजना।
- भूजल के अनावश्यक दोहन और बर्बादी को पूरी तरह रोकना।
- प्रत्येक नागरिक द्वारा पांच अन्य लोगों को जल संचयन के लिए प्रेरित करना।
- 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण करना।
- दैनिक जीवन में प्रति व्यक्ति 'एक लोटा पानी' रोज बचाने का संकल्प।
समारोह में जल संरक्षण के प्रति चेतना जगाने वाले बच्चों को 'स्कूल ऑफ जलवीर' सम्मान और उत्कृष्ट जल आर्ट पुरस्कारों से नवाजा गया। कार्यक्रम का संचालन भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियन्ता अनुपम ने किया, जबकि विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने सभी सहयोगी संगठनों, शिक्षकों और छात्रों का आभार जताया।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी
17 जुलाई: भूजल सप्ताह के दूसरे दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक लखनऊ के हरिहरपुर, शहीद पथ स्थित भूजल भवन (एस.जी.डब्ल्यू.आई.सी.) में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, अभियंताओं, चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों के साथ संवाद आयोजित किया जाएगा। दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक करम सेफ्टी इंडस्ट्री, सरोजनी नगर इंडस्ट्रियल एरिया, लखनऊ में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ जल संरक्षण तकनीकों पर संयुक्त विचार-विमर्श आयोजित किया जाएगा।
18 जुलाई: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक क्रिएटिव कॉन्वेंट कॉलेज शांतिनगर सरोजनी नगर, लखनऊ में भूगर्भ जल विभाग एवं विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में छात्र-छात्राओं के साथ भूजल संवाद तथा चित्रकला, वाद-विवाद सहित विभिन्न जल-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से फीनिक्स मॉल, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में नुक्कड़ नाटक, जल संरक्षण संदेश और सामूहिक जल संरक्षण शपथ के माध्यम से आमजन को जल बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
19 जुलाई: सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उत्तर प्रदेश के चयनित 15 जनपदों में गैर-सरकारी संगठन क्लाइमेट परिवर्तन के सहयोग से ‘एक दिन – एक घंटा – एक साथ’ अभियान के तहत पर्यावरण एवं स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विभागीय अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाएं, स्थानीय नागरिक व छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से लुलु मॉल सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में नुक्कड़ नाटक, जल संरक्षण संदेश एवं सामूहिक जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम आयोजित होगा।
20 जुलाई: सुबह 8 बजे से 9 बजे तक सीएमएस गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में छात्र-छात्राओं के साथ भूजल संवाद, चित्रकला एवं वाद-विवाद जैसी जल-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर लखनऊ में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन एवं भूगर्भ जल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं नगरीय जल सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें विशेषज्ञ, अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
21 जुलाई: सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक भूजल भवन (एस.जी.डब्ल्यू.आई.सी.) हरिहरपुर, शहीद पथ लखनऊ से वर्चुअल बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में भूजल प्रबंधन में नवाचार, विभिन्न क्षेत्रों की सफल पहल, सामुदायिक सहभागिता व चुनौतियों पर चर्चा होगी। इसमें भूगर्भ जल विभाग के अधिकारी, जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञ एवं सामाजिक संगठन शामिल होंगे।
22 जुलाई: सुबह 9:30 बजे भागीदारी भवन, सहारा सिटी के निकट गोमती नगर, लखनऊ में भूजल सप्ताह-2026 का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मुख्य अतिथि होंगे और राज्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। समारोह में भूगर्भ जल विभाग, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं व छात्र-छात्राएं भाग लेकर भूजल संरक्षण के जनांदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लेंगे।
(Published By: Ravi Pandey)
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