UP MLC Election: सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, आउटसोर्स कर्मचारियों से मतगणना पर रोक की मांग
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर होने वाली मतगणना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस शिकायत पत्र में सपा ने विधान परिषद चुनाव की मतगणना प्रक्रिया से आउटसोर्स कर्मचारियों को पूरी तरह दूर रखने और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने की पुरजोर मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि मतगणना की पारदर्शिता, स्वतंत्र माहौल और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केवल अनुभवी सरकारी कर्मियों को ही तैनात किया जाना चाहिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती पर सपा की गंभीर आपत्ति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने वाराणसी खंड शिक्षक-स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विशेष उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, वाराणसी में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों को मतगणना कार्य में लगाया जा रहा है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है।
सपा ने तर्क दिया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की कोई प्रशासनिक जवाबदेही नहीं होती, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो सकते हैं। पार्टी ने मांग की है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में केंद्र एवं राज्य सरकार के स्थायी व अनुभवी कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या आशंका की गुंजाइश न रहे।
वाराणसी के प्रत्याशियों ने दी मतगणना के बहिष्कार की चेतावनी
वाराणसी खंड शिक्षक-स्नातक क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। दोनों प्रत्याशियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मतगणना में आउटसोर्स कर्मचारियों को लगाया गया, तो वे मतगणना का विरोध और बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत निर्वाचन आयोग की होगी।
मतगणना स्थल के लिए सपा की प्रमुख शर्तें और मांगें
सपा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने के लिए कई अहम बिंदु रेखांकित किए गए हैं:
- बैगनी स्केच पेन पर पाबंदी: मतदान के समय प्रयोग में लाए जाने वाले बैगनी रंग के स्केच पेन को मतगणना स्थल पर पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।
- CCTV कैमरों की निगरानी: प्रत्येक मतगणना टेबल के अतिरिक्त अन्य सभी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थलों पर उच्च कोटि के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जिससे हर गतिविधि की स्पष्ट रिकॉर्डिंग हो सके।
- परिणामों की तत्काल घोषणा: प्रत्येक चक्र की मतगणना का परिणाम तत्काल लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषित किया जाए और उसे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज किया जाए।
- चरणबद्ध प्रक्रिया का पालन: जब तक एक चक्र की मतगणना प्रत्येक टेबल पर पूर्ण होकर लाउडस्पीकर, आयोग की वेबसाइट और आर.ओ. (Returning Officer) टेबल द्वारा घोषित न हो जाए, तब तक अगले चक्र की शुरुआत न की जाए।
सुरक्षा, बिजली आपूर्ति और निष्पक्ष व्यवस्था का आग्रह
रात के समय मतगणना की संवेदनशीलता को देखते हुए सपा ने अबाध विद्युत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। इसके साथ ही, विशेष रूप से रात्रि में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की सुदृढ़ तैनाती करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि अनाधिकृत अधिकारियों, कर्मचारियों और सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं या नेताओं का प्रवेश मतगणना केंद्र में पूरी तरह से वर्जित हो। इसके अलावा, मतगणना एजेंटों और आर.ओ. टेबल को मिलने वाले कैलकुलेटर, पैड, पेन और टॉर्च जैसी सामग्रियों के वितरण में किसी भी प्रकार का पक्षपात न किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
इस ज्ञापन के साथ लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सपा प्रत्याशी कांति सिंह का पत्र भी संलग्न किया गया है। इसके अतिरिक्त वाराणसी के प्रत्याशियों का ज्ञापन भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत किया गया।
सपा के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सचिव के.के. श्रीवास्तव, राज्य कार्यसमिति सदस्य डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
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