उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में

यूपी में पुराने वाहनों के खरीद फरोख्त की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

Automobile Policy India

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इससे पूर्व में पंजीकृत वाहनों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और तेज होगी। साथ ही संभावित फर्जीवाड़ा पर भी लगाम लगेगी।

केंद्र के नए नियम लागू

यूपी के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रयोग में लाए गए अथवा पूर्व में पंजीकृत मोटर वाहनों की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं डिजिटल माध्यम से सुव्यवस्थित बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MORTH), भारत सरकार ने मोटर वाहन नियम में संशोधन किए हैं। नए नियमों के तहत केंद्र सरकार ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर (एडीआरवी) व्यवस्था को कानूनी मान्यता दे दी है। इस व्यवस्था के अनुसार प्रयोग में लिए गए वाहनों के क्रय-विक्रय से संबंधित समस्त प्रक्रियाएं ऑनलाइन संपादित होंगी। इससे वाहन स्वामी, अधिकृत डीलर एवं परिवहन प्रशासन के मध्य उत्तरदायित्व का भी निर्धारण सुनिश्चित होगा।

ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य

परिवहन मंत्री ने बताया कि पंजीकृत वाहनों के खरीद-फरोख्त में संलग्न डीलरों को संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण पत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर निर्गत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रमाण पत्र सामान्यतः 5 वर्ष के लिए वैध होगा। साथ ही वाहन स्वामी को भी वाहन के कब्जे एवं उत्तरदायित्व से संबंधित प्रमाणिक अभिलेख पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो सकेंगे।

डीलरों को मिलेंगी नई सुविधाएं

परिवहन मंत्री ने बताया कि नए प्रावधान के अंतर्गत अधिकृत डीलर को अपने कब्जे में उपलब्ध वाहनों के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र का नवीनीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करना, अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन करना तथा वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखना होगा जरूरी

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही रजिस्टर्ड डीलर को अपने पास उपलब्ध वाहनों का विवरण एक इलेक्ट्रॉनिक इन्वेंटरी रजिस्टर में रखना होगा तथा वाहनों के उपयोग से संबंधित सभी विवरण पोर्टल पर अपडेट करने होंगे।

जल्द होगी पूरी तरह लागू प्रणाली

उन्होंने बताया कि उक्त प्रणाली का सफल परीक्षण किया जा चुका है तथा विकसित प्रणाली को वाहन पोर्टल पर लाइव किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जल्द ही यह पूरी तरह सक्रिय कर दी जाएगी। इस नई प्रणाली के लागू होने से पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और उत्तरदायी बनेगी। इसके साथ ही वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, तेज और विश्वसनीय बनाया जा सकेगा।

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