UP PET-2026 का आयोजन 25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर

UP PET-2026: 35.41 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल, 60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर होगी परीक्षा; मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

Over 35.41 Lakh Candidates to Appear at 1,372 Centres

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने 14 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इसमें प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2026 की तैयारियों के साथ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, जल संचय-जन भागीदारी: कैच द रेन-2026 और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)-उत्तर प्रदेश की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

60 जिलों में 1,372 केंद्रों पर होगी PET-2026 परीक्षा

बैठक में बताया गया कि PET-2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को प्रदेश के 60 जिलों में कुल 1,372 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी।

नकलविहीन परीक्षा के लिए CCTV निगरानी और सख्त जांच के निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा निष्पक्ष, नकलविहीन और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाए। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के साथ नोडल अधिकारियों और कक्ष निरीक्षकों को विधिवत प्रशिक्षण देने को कहा गया। परीक्षा केंद्रों और कोषागारों में लगे CCTV कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने तथा उनके माध्यम से लगातार निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।

रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सुरक्षा व यातायात व्यवस्था पर जोर

मुख्य सचिव ने परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, होटलों और रैन बसेरों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा। महिला अभ्यर्थियों की सुरक्षा के लिए जरूरत के अनुसार हेल्पडेस्क स्थापित करने और भीड़ प्रबंधन, यातायात तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों पर आवश्यकतानुसार होल्डिंग एरिया विकसित करने को भी कहा गया।

मोबाइल, ब्लूटूथ और AI चश्मे पर रहेगी सख्त निगरानी

परीक्षा केंद्रों के प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी अभ्यर्थी मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट या AI चश्मा, अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अथवा आयोग द्वारा प्रतिबंधित सामग्री लेकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश न कर सके। उन्होंने अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने पर भी जोर दिया।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए घर बैठे मिलेगी सुविधा

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से पेंशनभोगी घर बैठे अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए स्मार्टफोन में जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और खासतौर पर उन पेंशनभोगियों को जागरूक करने के निर्देश दिए, जो अभी भी मैन्युअल तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करते हैं।

1 से 30 नवंबर तक लगेंगे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र शिविर

राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के तहत 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक पेंशनभोगियों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने अभियान के संचालन के लिए नोडल अधिकारी नामित करने और इसकी जानकारी भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर स्थलों का चयन बेहतर कार्ययोजना के आधार पर करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पेंशनभोगियों को सुविधा मिल सके। शिविरों में निःशुल्क चिकित्सा शिविर, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और पात्र लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए स्टॉल भी लगाए जा सकते हैं।

जल संचय-जन भागीदारी अभियान के लक्ष्य पूरे करने के निर्देश

जल संचय-जन भागीदारी: कैच द रेन-2026 अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा चुके हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) को अभियान की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन से संबंधित गतिविधियों में तेजी लाने तथा कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया। बैठक में यह भी बताया गया कि अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)-उत्तर प्रदेश की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिला स्वास्थ्य समितियों की बैठकों में मिशन की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पात्र नागरिकों की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) आईडी बनाने के लिए लक्षित अभियान चलाने पर जोर दिया। साथ ही, पात्र सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों तथा स्वास्थ्य पेशेवरों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) और हेल्थ प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा।

अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने चिन्हित अस्पतालों में हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (HIS) का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। इसके तहत ई-प्रिस्क्रिप्शन, मरीजों के भर्ती होने और उपचार से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, लैबोरेटरी इन्फॉर्मेशन सिस्टम (LIS) का एकीकरण और ABHA आईडी से जुड़ी जांच रिपोर्ट जैसी सुविधाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली (ORS) के माध्यम से डॉक्टर की अपॉइंटमेंट और भुगतान तथा SMS और WhatsApp से ऑनलाइन लैब रिपोर्ट प्राप्त करने की सुविधाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी

मुख्य सचिव ने सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। इन बैठकों में संस्थानवार प्रगति का आकलन किया जाएगा और क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर कराया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव, नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. साबत, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ऋतु माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

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