यूपीआईटीएस-2026 में यूपी पुलिस के हाईटेक स्टॉल पर

यूपीआईटीएस-2026 में यूपी पुलिस का हाईटेक स्टॉल बना आकर्षण, 15 हजार से अधिक विजिटर्स पहुंचे

UP Police's Hi-Tech Stall Draws 15,000+ Visitors at UPITS 2026

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में उत्तर प्रदेश पुलिस का हाईटेक स्टॉल देश-विदेश के विजिटर्स के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ट्रेड शो के हाल नंबर चार में लगे यूपी पुलिस के स्टॉल पर पिछले तीन दिनों में 15 हजार से अधिक लोगों ने विजिट किया। विदेशी मेहमानों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए लोग और युवा स्मार्ट पुलिसिंग, तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को करीब से समझ रहे हैं। स्टॉल पर मौजूद उपकरणों और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को लेकर विजिटर्स में जिज्ञासा दिखाई दे रही है।

यू-फीड मशीन से साइबर ठगी की जांच की जानकारी

पुलिस के स्टॉल पर साइबर हेल्प डेस्क सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां उपनिरीक्षक ने छात्रों और युवाओं को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। युवाओं ने टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर होने वाली ठगी को लेकर सवाल पूछे। लोगों ने यह भी जानना चाहा कि किसी ग्रुप में जुड़ने के बाद ठगी होने की स्थिति में किस तरह बचा जा सकता है। पुलिस ने बताया कि यू-फीड मशीन अपराधियों के मोबाइल से तुरंत डेटा निकाल सकती है, जिससे ठगों तक पहुंचना आसान हो जाता है।

स्पीड राडार गन और ब्रीद एनालाइजर ने खींचा ध्यान

स्टॉल पर ब्रीद एनालाइजर और स्पीड राडार गन ने भी युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। डीजी डायल 112 विनोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 से ब्रीद एनालाइजर मशीन में कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि वाहन चालक कोई बहाना न बना सके। विजिटर्स ने इसे लाइव देखकर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में तकनीक की उपयोगिता को समझा। बॉडी वार्म कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों और आगंतुकों ने इन्हें हाथ में लेकर पुलिस की ओर से वास्तविक समय में अपराधियों की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को समझा।

डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर ने बढ़ाया उत्साह

यूपी पुलिस के स्टॉल पर एटीएस और एसटीएफ के अत्याधुनिक हथियार भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। डीजी डायल 112 ने बताया कि यूपी पुलिस के पास अत्याधुनिक स्नाइपर राइफल्स, क्लोज क्वार्टर बैटल उपकरण, सामरिक संचार प्रणाली और बम निरोधक उपकरण भी हैं। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस के पास डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर भी है, जिसकी मारक क्षमता दो किलोमीटर तक है। युवाओं ने इसे देखकर रुचि दिखाई और इसकी तकनीकी खूबियों के बारे में सवाल किए।

रेस्क्यू रोबोट ने भी खींचा लोगों का ध्यान

स्टॉल पर फायर फाइटिंग रोबोट और रेस्क्यू रोबोट भी प्रदर्शित किए गए हैं। आग लगने की स्थिति में उन जगहों पर इनका उपयोग किया जाता है, जहां इंसान का पहुंचना कठिन होता है।विजिटर्स ने पुलिस के आधुनिक उपकरणों को करीब से देखा। स्टॉल पर आए छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव भी साझा किए और कहा कि उन्होंने पहली बार पुलिस की तकनीक और उपकरणों को इतने करीब से देखा है।

छात्र ने कहा, तकनीक के हर पहलू में आगे है पुलिस

स्टॉल पर आए छात्र अमित ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि यूपी पुलिस अब केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक और सुरक्षा के हर पहलू में आगे है।

साढ़े नौ वर्षों में स्मार्ट पुलिसिंग पर जोर

पिछले साढ़े नौ वर्षों में योगी सरकार के प्रयासों से यूपी पुलिस में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में कई कदम उठाए जाने की जानकारी स्टॉल पर दी जा रही है। इनमें थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष प्रकोष्ठों का गठन शामिल है। महिला सुरक्षा के लिए 1090 विमेन पावर लाइन, पिंक बूथ और मिशन शक्ति जैसी योजनाओं को लागू किए जाने की जानकारी भी दी गई है। अपराधियों की त्वरित पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क, आईटीएस प्रणाली और फोरेंसिक तकनीक के विस्तार तथा संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए गैंगस्टर एक्ट और एनकाउंटर पॉलिसी के सख्त इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है।

यूपी पुलिस का स्टॉल बता रहा स्मार्ट पुलिसिंग की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद पुलिसिंग में बदलाव पर फोकस किए जाने की जानकारी स्टॉल के माध्यम से दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक इन सुधारों से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तस्वीर में बदलाव आया है। यूपी पुलिस का यह स्टॉल केवल तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पुलिसिंग में हुए बदलावों को सामने रखने का माध्यम भी बना है। हाईटेक उपकरण, आधुनिक हथियार और प्रशिक्षित पुलिसकर्मी यहां आने वाले विजिटर्स के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

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