रक्षाबंधन पर यूपी में 88.94 लाख यात्रियों ने की निशुल्क बस यात्रा, योगी सरकार ने खर्च किए ₹106.98 करोड़
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। रक्षाबंधन के पर्व पर योगी सरकार की ओर से महिलाओं और उनके सहयात्रियों को दी गई तीन दिवसीय निशुल्क बस यात्रा का इस वर्ष प्रदेशभर में व्यापक लाभ मिला। योगी सरकार ने पिछले वर्ष का अपना रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहले से ज्यादा यात्रियों को निशुल्क यात्रा का लाभ दिलाया। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के मुताबिक 27 से 29 अगस्त 2026 तक कुल 88,94,730 यात्रियों ने निशुल्क बस यात्रा की। इनमें 55.17 लाख महिलाएं और 33.76 लाख सहयात्री शामिल रहे। इस निशुल्क यात्रा पर प्रदेश सरकार ने 106.98 करोड़ रुपये खर्च वहन किया है।
रक्षाबंधन पर निशुल्क बस सेवा सफल बनाने में जुटा परिवहन निगम
परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री योगी जी ने महिलाओं और उनके सहयात्रियों के लिए निशुल्क बस यात्रा का एलान किया था। इस सुविधा को सफलतापूर्वक लागू करने में परिवहन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और चालक-परिचालकों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दिया, वहीं विभागीय मंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित हुईं।
2025 के मुकाबले 10.68 लाख अधिक यात्रियों ने किया सफर
इस वर्ष निशुल्क यात्रा का लाभ लेने वाले यात्रियों की संख्या ने पिछले साल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2025 में रक्षाबंधन पर तीन दिनों में 78.26 लाख यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की थी। इस बार यह संख्या बढ़कर 88.94 लाख हो गई। यानी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10.68 लाख अधिक यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की।
योगी सरकार ने वहन किया 106.98 करोड़ रुपये का खर्च
तीन दिनों में मुफ्त बस यात्रा से यात्रियों को मिली राहत का आर्थिक मूल्य भी पिछले वर्ष से अधिक रहा। वर्ष 2025 में सरकार ने निशुल्क यात्रा के लिए 86.98 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च वहन किया था। इस वर्ष यह बढ़कर 106.98 करोड़ रुपये हो गया। यानी सरकार ने पिछले साल की तुलना में करीब 20 करोड़ रुपये अधिक का भार उठाया।
28 अगस्त को सबसे ज्यादा 49.96 लाख यात्रियों ने किया सफर
आंकड़ों के मुताबिक रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को सबसे अधिक यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। इस दिन 49.96 लाख यात्रियों ने बसों से सफर किया। इनमें 32.47 लाख महिलाएं और 17.48 लाख सहयात्री शामिल थे। 27 अगस्त को 9.26 लाख, 28 अगस्त को 49.96 लाख और 29 अगस्त को 29.71 लाख यात्रियों ने निशुल्क बस यात्रा की। इनमें महिलाओं की संख्या क्रमश: 6.03 लाख, 32.47 लाख और 16.66 लाख रही।
परिवहन निगम की तैयारियों ने निभाई अहम भूमिका
रक्षाबंधन से पहले परिवहन निगम ने अधिक से अधिक बसों का संचालन सुनिश्चित करने और प्रमुख बस स्टेशनों पर व्यवस्थाएं मजबूत करने की तैयारी की थी। 27 से 29 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। बेहतर तैयारियों के चलते यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
2017 से योगी सरकार दे रही निशुल्क यात्रा का उपहार
सीएम योगी ने सरकार बनने के बाद पहले साल से ही महिलाओं की सुरक्षा और उनके उत्थान के लिए काम किया है। इसी के साथ पहले वर्ष से ही रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की भी शुरुआत की, जो अब तक जारी है। 2017 में 11.16 लाख महिला यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ लिया था। 2018 में यह संख्या 11.69 लाख, 2019 में 12.04 लाख और 2020 में 7.36 लाख रही। 2021 में 9.63 लाख, 2022 में 22.32 लाख, 2023 में 29.29 लाख और 2024 में 19.78 लाख महिला यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। 2025 में महिलाओं के साथ सहयात्री को जोड़ने के बाद कुल निशुल्क टिकटों की संख्या 78.26 लाख थी। (Published By: Ravi Pandey)
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