यूपी में 31 जुलाई 2026 तक 1.97 लाख से अधिक पुराने

वाहन स्क्रैपिंग में यूपी ने बनाया नया रिकॉर्ड, देशभर के 48.5% पुराने वाहन प्रदेश में हुए स्क्रैप

UP Sets New Record in Vehicle Scrapping, Accounts for 48.5% of Total

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने की मुहिम में उत्तर प्रदेश ने देश में नया रिकॉर्ड बनाया है। 31 जुलाई 2026 तक देशभर में स्क्रैप किए गए 4.07 लाख से अधिक वाहनों में अकेले यूपी की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत है। प्रदेश में अब तक 1.97 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक, वाहन स्क्रैपिंग नीति का उद्देश्य पुराने वाहनों को हटाने के साथ प्रदूषण कम करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

देशभर में स्क्रैप हुए वाहनों में यूपी की करीब आधी हिस्सेदारी

परिवहन विभाग के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक देशभर में 4.07 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप किए गए हैं। इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में 1.97 लाख से अधिक वाहन स्क्रैप हुए। इस तरह देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 48.5 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।

वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों का नेटवर्क मजबूत

उत्तर प्रदेश में वाहन स्क्रैपिंग के लिए 92 लाइसेंस प्राप्त पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं, जिनमें से 51 वर्तमान में संचालित हैं। इससे वाहन मालिकों को पुराने वाहनों को अनधिकृत कबाड़ बाजार में देने के बजाय पंजीकृत और विनियमित केंद्रों पर स्क्रैप कराने का विकल्प मिल रहा है।

वाहन मालिकों को रोड टैक्स में छूट

सरकार की नीति के तहत जमा प्रमाणपत्र के आधार पर नया वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को सड़क कर में छूट दी जाती है। गैर-परिवहन वाहनों पर 15 प्रतिशत तक, जबकि परिवहन वाहनों पर 10 प्रतिशत रोड टैक्स छूट का प्रावधान है। एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रक अथवा बस को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने पर निर्धारित शर्तों के तहत 10 वर्षों के लिए 100 प्रतिशत तक रोड टैक्स छूट का प्रावधान भी किया गया है।

स्क्रैपिंग केंद्रों की निगरानी पर जोर

वाहन स्क्रैपिंग की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग पंजीकृत केंद्रों की निगरानी और निरीक्षण कर रहा है। जुलाई 2026 में शिकायतों के बाद इन केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच के लिए विशेष निरीक्षण अभियान भी चलाया गया। प्रत्येक संभाग में अधिकारियों की संयुक्त टीमों को निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई।

एनसीआर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों को स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों से बदलने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में पुराने बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 मालवाहक वाहनों एवं बसों को बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

2047 के विकसित यूपी के लक्ष्य में अहम भूमिका

परिवहन मंत्री ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति से पुराने और अनफिट वाहनों को हटाने, प्रदूषण कम करने और सड़क सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से पुराने अथवा अनफिट वाहनों को अनधिकृत कबाड़ियों के बजाय पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों में ही स्क्रैप कराने की अपील की।

यह भी पढ़ें:    रक्षाबंधन से पहले यूपी में मिलावटखोरों पर शिकंजा, 18 एफआईआर और 46 लाख की खाद्य सामग्री जब्त