पीएम मोदी के जन्मदिन पर यूपी में शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, 17 सितंबर से गांव-गांव पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश का ग्राम्य विकास विभाग 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाएगा। अभियान का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आए बदलावों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना और पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ना है। अभियान के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम 17 सितंबर को
17 सितंबर को शाम 7 बजे अमृत सरोवरों और ग्राम पंचायत स्तर पर दीप प्रज्वलित कर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर अभियान की शुरुआत के तहत होगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से ग्रामीणों के जीवन में आए बदलावों पर आधारित 60 सेकंड की रील्स तैयार की जाएंगी। इन्हें सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर साझा किया जाएगा।
कहानी बदलाव की में दिखेगी लाभार्थियों की सफलता
कहानी बदलाव की शीर्षक से तैयार की जाने वाली रील्स में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित ग्रामीणों की सफलता और उनके जीवन में आए बदलाव को दिखाया जाएगा। इन रील्स के जरिये योजनाओं से जुड़े बदलावों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सात दिवसीय सेवा सेतु अभियान होगा आयोजित
ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए ब्लॉक स्तर पर सात दिवसीय बहुउद्देशीय ‘सेवा सेतु अभियान’ आयोजित किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन मौके पर ही भरवाए जाएंगे। पात्रता का सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक कठिनाई न हो।
ग्राम चौपाल में सीधे सुनी जाएंगी समस्याएं
अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इसमें ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुना जाएगा और यथासंभव उनका मौके पर समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों और फीडबैक का भी संकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर समस्याओं और योजनाओं से जुड़ी जरूरतों की जानकारी प्राप्त करना है।
अधिकारियों को निगरानी और समन्वय के निर्देश
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राज्य और जनपद स्तर के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को गांव-गांव तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। राज्य, जनपद और विकासखंड स्तर पर प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।
हर सप्ताह होगी अभियान की समीक्षा
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास सौरभ बाबू ने बताया कि मुख्यालय और जिला स्तर पर अभियान के सुचारू संचालन और समन्वय के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश और जनपद स्तर के नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि निर्धारित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
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