UP में 2.76 लाख छात्रों के लिए फिर खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल, 551.85 करोड़ रुपये होंगे खर्च
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में पात्र होने के बावजूद छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल दोबारा खोलने को मंजूरी दी गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 2.76 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।
551.85 करोड़ रुपये की धनराशि होगी जारी
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में बताया कि इन छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कुल 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से खर्च की जाएगी।
- सामान्य वर्ग: 51,078 छात्रों के लिए 163.42 करोड़ रुपये
- अनुसूचित जाति: 64,971 छात्रों के लिए 58.17 करोड़ रुपये
- अनुसूचित जनजाति: 5,192 छात्रों के लिए 9.21 करोड़ रुपये
- अन्य पिछड़ा वर्ग: 1,36,136 छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये
- अल्पसंख्यक वर्ग: 18,680 छात्रों के लिए 21.05 करोड़ रुपये
तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से अटकी थी छात्रवृत्ति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से पूरी नहीं हो सकी। कहीं शिक्षण संस्थानों की ओर से आवेदन अग्रसारित नहीं किए गए, तो कहीं आवेदन में कमियां रहने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पीएफएमएस स्तर पर भुगतान नहीं हो सका। कुछ मामलों में शिक्षण संस्थानों द्वारा समय से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाने, जनपद स्तरीय समिति में आवेदन लंबित रहने, फीस जमा न होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि नहीं मिल सकी।
पात्र छात्रों के लिए फिर खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्टल, 551.85 करोड़ रुपये होंगे खर्च
मंत्रिमंडल ने अब ऐसे सभी पात्र छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग सहित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए विशेष मामले के रूप में एक बार फिर छात्रवृत्ति पोर्टल को खोला जाएगा। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि व्यय किए जाने की अनुमति भी प्रदान की गई है।
विशेष मामले के तौर पर फिर खुलेगा पोर्टल
सरकार के इस निर्णय से उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो पात्र होने के बावजूद प्रक्रिया संबंधी तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित रह गए थे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र केवल प्रक्रियागत या तकनीकी कारणों से अपने अधिकार के लाभ से वंचित न रहे।
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