UPPCL के क्लस्टर अभियान में 654.31 करोड़ रुपये की

UPPCL के बिजली सुधार अभियान का असर, 654 करोड़ रुपये की वसूली और AT&C लॉस में 30 फीसदी तक कमी

UPPCL drive cuts AT&C losses by up to 30%, recovers Rs 654 crore

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे क्लस्टर आधारित विशेष अभियान का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। UPPCL के इस अभियान के तहत हाई एटीएंडसी हानि वाले क्षेत्रों पर फोकस करते हुए राजस्व वसूली, बिलिंग सुधार और लाइन लॉस कम करने पर जोर दिया गया। अभियान के दौरान जहां करोड़ों रुपये का बकाया राजस्व जुटाया गया, वहीं कई वितरण निगमों के चयनित क्षेत्रों में एटीएंडसी हानि में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

राजस्व संग्रह बढ़ाने और एटीएंडसी हानि घटाने पर विशेष जोर

अभियान के तहत प्रदेश के पांचों वितरण निगमों में 731 क्लस्टर, 1,682 फीडर और 42.45 लाख उपभोक्ताओं को शामिल किया गया। यह प्रदेश के कुल विद्युत उपभोक्ताओं का करीब 11 प्रतिशत है। अभियान का मुख्य उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना, एटीएंडसी हानि में कमी लाना, बिलिंग व्यवस्था में सुदृढ़ करना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रत्येक क्लस्टर की नियमित समीक्षा, फीडर-स्तरीय निगरानी, राजस्व वसूली, बिलिंग सुधार तथा तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानि को कम करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। 

सक्सेस स्टोरी क्लस्टर आधारित अभियान से एटीएंडसी हानि में आई बड़ी कमी

चयनित सक्सेस स्टोरी क्लस्टर्स में वित्तीय वर्ष 24-25 के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 25-26 में एटीएंडसी हानियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। केस्को में सर्वाधिक 30.06 प्रतिशत, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में 23.11 प्रतिशत, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में 20.94 प्रतिशत, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में 9.54 प्रतिशत और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में 5.58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 

बकायेदारों से 654.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ

इस विशेष अभियान के दौरान कभी बिल का भुगतान ना करने वाले एवं लंबे समय से बकायेदार उपभोक्तओं से 654.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। साथ ही प्रदेश में 88,449 नए विद्युत संयोजन सुगमतापूर्वक जारी किए गए हैं। जिससे आम उपभोक्ताओं को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकीं।

अधिक लाइन हानि वाले फीडरों पर विशेष निगरानी

प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये यह जरूरी है कि एटीएंडसी हानि कम की जाए। इसके लिये उ.प्र. पावर कारपोरेशन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के ऐसे सर्वाधिक एटीएंडसी हानियों वाले फीडरों का चयन कर संयुक्त और व्यापक प्रयास के द्वारा यहां लाइन हानि कम करने का प्रयास हो रहा है। 

UPPCL के अध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की समीक्षा बैठक

अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने शुक्रवार को ऐसे हाई लॉस फीडरों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में और प्रयास तेज किये जाएं। इनकी स्थिति पूर्णरूपेण सुधरने के बाद क्रमशः नए क्षेत्रों का चयन करके इसी तरह के प्रयास करके लाइन हानियां कम की जाए। शक्ति भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न इस समीक्षा बैठक में कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।

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