UPPCL के फैसले पर विरोध तेज, लाखों उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप
बांदा: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन द्वारा प्रदेशभर के लाखों बिजली उपभोक्ताओं का कथित तौर पर बिना अनुमति स्वीकृत विद्युत लोड बढ़ाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस फैसले के विरोध में गुरुवार को बांदा में सद्भावना विकास मंच ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। संगठन ने इसे उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पूर्व सूचना और बिना लिखित सहमति लोड बढ़ाने से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का बढ़ा स्वीकृत लोड
सद्भावना विकास मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के हजारों नहीं, बल्कि लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा असर उनके बिजली बिल पर दिखाई दे रहा है। लोड बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक फिक्स चार्ज देना पड़ रहा है, जिससे हर महीने बिजली का खर्च बढ़ गया है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की और बढ़ गईं परेशानियां
संगठन का आरोप है कि इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ा है, जिन उपभोक्ताओं को पहले सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ मिल रहा था, उनमें से बड़ी संख्या अब बढ़े हुए लोड के कारण सब्सिडी के दायरे से बाहर हो गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
उपभोक्ता का लोड बढ़ाने से पहले उसकी स्पष्ट सहमति लेना किया जाए अनिवार्य
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि बिना उपभोक्ताओं की अनुमति बढ़ाए गए सभी विद्युत लोड तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएं। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अतिरिक्त फिक्स चार्ज जोड़ा गया है, उसे वापस लिया जाए और भविष्य में किसी भी उपभोक्ता का लोड बढ़ाने से पहले उसकी स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य किया जाए।
जनजागरण अभियान चलाकर किया जाएगा व्यापक आंदोलन संगठन ने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और बिजली विभाग की होगी। बांदा में ज्ञापन सौंपने के दौरान मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में उपभोक्ताओं के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस गंभीर मुद्दे का संज्ञान लेकर लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करेंगे।
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