रामनगर में सवर्ण समाज ने निकाली जन जागरण पदयात्रा, यूजीसी एक्ट वापस लेने और आरक्षण में बदलाव की उठी मांग
बाराबंकी: तहसील रामनगर के डाक बंगला परिसर से बृहस्पतिवार को समस्त सवर्ण समाज के आह्वान पर जन जागरण पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर यूजीसी एक्ट को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करने तथा एससी-एसटी एक्ट में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण का आधार आर्थिक किए जाने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
निर्दोष लोगों के फंसने की आशंका
जन जागरण पदयात्रा डाक बंगला, बुढ़वल मोड़ से शुरू होकर लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग से रामनगर तिराहा होते हुए तहसील परिसर पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर नारेबाजी की। "यूजीसी एक्ट रोलबैक करो", काला कानून वापस लो" जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी से संबंधित कानून को वापस लेने और ऐसे प्रावधानों में बदलाव करने की मांग की, जिनके कारण उनके अनुसार निर्दोष लोगों के फंसने की आशंका रहती है।
एससी-एसटी एक्ट के संबंध में भी बदलाव की उठाई गई मांग
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के संबंध में भी बदलाव की मांग उठाई गई। उनका कहना था कि कानून का उद्देश्य कमजोर वर्ग को संरक्षण देना है, लेकिन निर्दोष लोगों के खिलाफ इसका दुरुपयोग न हो, इसके लिए आवश्यक कानूनी सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर दर्ज कराया विरोध
पदयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद रही। तहसील परिसर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ज्ञानू सिंह, रिंकू सिंह, पंडित दिवाकर पांडेय, विवेक सिंह, मोनू सिंह, आरके शुक्ल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
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