क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के मामले में देश में शीर्ष पर उत्तर प्रदेश
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। वैश्विक स्तर पर क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यूएशन में हाल में आयी गिरावट के बावजूद भारत में इसका बाजार तेजी से बढ़ रहा है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के मामले में यूपी देश में शीर्ष पर है। क्रिप्टो ट्रेडिंग के सबसे बड़े प्लेटफार्म 'कॉइनस्विच' की हालिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
क्रिप्टो निवेश में यूपी सबसे आगे
'कॉइनस्विच' की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश क्रिप्टोकरेंसी निवेश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। क्रिप्टो निवेशकों में यूपी 12.9 फीसदी हिस्सेदारी के साथ देश में नंबर वन और 12.3 फीसदी के साथ महाराष्ट्र (12.1%) घर दूसरे, जबकि कर्नाटक (7.9%) तीसरे नंबर पर है। क्रिप्टोकरेंसी को निवेश-का सबसे अच्छा माध्यम मानने वालों में 26 से 35 वर्ष के युवा अधिक हैं। हालांकि इस करेंसी में हाथ आजमाने वालों में 35 से 55 वर्ष के निवेशकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। ये निवेशक सुरक्षित पोर्टफोलियो में पैसा लगाने के बाद उससे हुए लाभको क्रिप्टोकरेंसी में लगा रहे हैं।
24 घंटे ट्रेडिंग बना रही इसे आसान विकल्प
शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग के समय में अंतर होने की वजह से भी देश में इसमें निवेश बढ़ रहा है। शेयर मार्केट में जहां निश्चित समय में ट्रेडिंग होती है तो वहीं क्रिप्टोकरेंसी के लिए ऐसा कोई टाइम फिक्स नहीं है। इसमें 24 घंटे कारोबार होता है। इसे कभी भी खरीदकर कभी भी बेचा जा सकता है। इस वजह से भारत में युवा काम धंधों और नौकरी से खाली होकर रात के समय बेहतर निवेश के विकल्प के रूप में इसमें सक्रिय हो रहे हैं।
रात में सबसे ज्यादा होती है ट्रेडिंग
कॉइनस्विच की ताजा रिपोर्ट (India’s Crypto Portfolio: How India Invests) के अनुसार, भारतीय अब रात के समय ट्रेडिंग करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग का पीक टाइम रात 10 से 11 बजे के बीच होता है। इसका मतलब है कि लोग अपने दफ्तर और दिनभर के कामों के बाद फुर्सत में निवेश करना पसंद करते हैं। यह रिपोर्ट 2.5 करोड़ से अधिक निवेशकों के डेटा पर आधारित है।
बाजार में बढ़ रही परिपक्वता
रिपोर्ट के मुताबिक, देश में क्रिप्टो बाजार अब अधिक परिपक्व होता दिखाई दे रहा है। यह भी बताया गया है कि 26 से 35 वर्ष के निवेशक अभी भी सबसे आगे हैं और उनकी हिस्सेदारी करीब 48 प्रतिशत है। जबकि 35 वर्ष से अधिक उम्र के निवेशकों खासकर जेन एक्स और ओल्डर मिलेनियल्स की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। यह वर्ग आमतौर पर सोच-समझकर और लंबी अवधि के लिए निवेश करता है।
डिप बाइंग और लंबी अवधि का ट्रेंड मजबूत
विशेषज्ञों के अनुसार, युवा निवेशक जहां प्रयोग करने के लिए बाजार में आते हैं, वहीं बड़ी उम्र के निवेशक तब निवेश करते हैं जब उन्हें नियमों की स्पष्टता और स्थिर रिटर्न का भरोसा होता है। यही कारण है कि अब बाजार में डिप बाइंग यानी कीमत गिरने पर खरीदारी और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की प्रवृत्ति बढ़ी है।
बिटकॉइन अब भी सबसे भरोसेमंद, मीम कॉइन भी लोकप्रिय
क्रिप्टो एसेट्स में बिटकॉइन अब भी सबसे भरोसेमंद माना जा रहा है। यह कुल निवेश का 9.2 प्रतिशत हिस्सा रखता है और ट्रेडिंग में भी सबसे आगे है। इसके अलावा डोजवाइन (6 प्रतिशत) और शीबा इनु (4.4 प्रतिशत) जैसे मीम कॉइन भी निवेशकों के पोर्टफोलियो में जगह बनाए हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब निवेशक ब्लू-चिप, मिड और स्मॉल कैप एसेट्स का संतुलित पोर्टफोलियो बना रहे हैं। साथ ही, वे जल्दबाजी के बजाय योजना के साथ और लंबी अवधि को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/world/gunfire-chaos-at-white-house-dinner-trump-escorted-to-safety/179404