उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, धामी सरकार के कार्यकाल में 321 सीटें बढ़ीं और कुल संख्या 11,495 पहुंची
देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में धामी सरकार प्रयास कर रही है। जुलाई 2021 से प्रदेश में तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिनसे नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं। इसके साथ ही राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो गई है। वहीं, निजी नर्सिंग संस्थानों में सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच गई है। सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर प्रदेश में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की कुल सीटें अब 11,495 हो गई हैं।
तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में 321 नई सीटें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इस तरह इन संस्थानों के माध्यम से कुल 321 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। प्रदेश के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण से विदेशों में रोजगार के अवसर
उत्तराखंड में नर्सिंग विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी भाषाओं में दक्ष बनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार प्राप्त हुआ। इन प्रयासों के जरिए प्रशिक्षित युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
निजी नर्सिंग संस्थानों में 10,616 सीटें उपलब्ध
प्रदेश में निजी नर्सिंग शिक्षा का दायरा भी बढ़ा है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और विभिन्न पाठ्यक्रमों में 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। इसके साथ निजी नर्सिंग संस्थानों में सभी पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या 10,616 हो गई है। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ निजी अस्पतालों और नर्सिंग संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।
नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता के लिए शिक्षकों की नियुक्ति
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटर नियुक्त किए गए, जबकि जून 2025 तक 26 और ट्यूटरों की नियुक्ति हुई। इससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की कुल संख्या 66 हो गई। अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पदों का सृजन किया गया। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति भी की गई।
16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा, बीते सितंबर महीने में 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया। इन कदमों का उद्देश्य नर्सिंग संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
हर साल 12 से 15 हजार अभ्यर्थी लेते हैं प्रवेश परीक्षा में हिस्सा
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर साल लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सीटों की संख्या बढ़ने, नए संस्थानों की स्थापना और शिक्षकों की नियुक्ति के जरिए नर्सिंग शिक्षा के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।
युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार देना सरकार का लक्ष्य: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
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