उत्तराखंड में एमबीबीएस प्रवेश फर्जीवाड़ा में मध्यप्रदेश निवासी आरोपी गिरफ्तार, तीसरी गिरफ्तारी
देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड में सामने आए एमबीबीएस प्रवेश फर्जीवाड़ा के संबंध में पुलिस ने बृहस्पतिवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि इसी के साथ मास्टरमाइंड सहित फर्जीवाड़े में संलिप्त तीन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने संवाददाताओं को बताया कि फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाकर ‘नीट यूजी’ के जरिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के प्रकरण की विवेचना कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है।
मास्टरमाइंड से पूछताछ में सामने आया एजेंट का नाम
भोपाल के पिपलानी क्षेत्र के रहने वाले श्रीवास्तव का नाम तीन दिन पहले गिरफ्तार किए गए फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड रूपेश पंडित से पूछताछ में एक एजेंट के तौर पर सामने आया था। पूछताछ में श्रीवास्तव ने बताया कि उसका पिपलानी में 'एमबीबीएस वे' नामक एक कार्यालय है, जिसके माध्यम से वह विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में कमीशन पर दाखिला दिलाने का काम करता है। पुलिस के मुताबिक, श्रीवास्तव की पंडित से दो साल पहले उत्तरकाशी में मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से दोनों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में रहे थे।
तलाशी के दौरान नकद बरामद और फर्जी प्रमाण पत्रों का खुलासा
एसएसपी ने बताया कि श्रीवास्तव के वाहन की तलाशी के दौरान करीब साढ़े पांच लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं, जो उसे पंडित से स्वतंत्रता सेनानी कोटे से विद्यार्थियों को एमबीबीएस में दाखिला कराने के एवज में मिले थे। इसके बाद श्रीवास्तव ने पंडित तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर कथित तौर पर तीन अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाए। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर आरोपियों ने प्रदेश के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला प्राप्त किया था।
पुलिस की एसआईटी जांच और आगे की कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि देहरादून के रायपुर और क्लेमेंटाउन थानों में 13 सितंबर को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा प्रमाण पत्र बनाने के ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज फर्जी पाए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। विवेचना के दौरान मिले सबूतों के आधार पर 21 सितंबर को पंडित और अभ्यर्थी के पिता अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि एसआईटी प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से विवेचना कर रही है और सभी आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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