उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर, हत्या की साजिश रचने और मारपीट का आरोप

Uttarakhand Cabinet Minister Rekha Arya

देहरादून (उत्तराखंड)। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट पुलिस स्टेशन में अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ ​​पप्पू गिरधारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की धारा 120बी, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498ए, 504 और 506 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(डी), 3(1)(डीएच) और 3(2)(वीए) के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।

गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताकर धोखा दिया

पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है जिसमें गिरधारी लाल साहू कथित तौर पर एक महिला से बात करते हुए और उसकी हत्या की साजिश रचते हुए सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी और उनके नाबालिग बच्चों की जान को लगातार खतरा बना हुआ है और वह किसी भी समय कोई गंभीर घटना को अंजाम दे सकता है। शिकायत में आर्य ने आरोप लगाया कि गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताकर उन्हें धोखा दिया था। उन्होंने बताया कि शादी के कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि उनकी पहले से शादी हो चुकी थी और पिछली शादी से उनके बच्चे भी थे।

कुछ महीनों में पति का व्यवहार उनके प्रति बदला

हालांकि, तब तक उनके अपने बच्चे हो चुके थे और परिवार के सदस्यों की सलाह मानकर और अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में उनके पति का व्यवहार उनके प्रति बदल गया है, इसी दौरान उन्हें अन्य महिलाओं के साथ उनके कथित अवैध संबंधों के बारे में पता चला। जब उन्होंने इन संबंधों का विरोध किया, तो उनके पति ने पहले तो अपनी गलती मानी और मौखिक और लिखित रूप से उनसे माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि माफी मांगने के बावजूद उन्होंने वही हरकतें जारी रखीं।

गिरधारी लाल साहू ने शारीरिक हमला भी किया

आर्य ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इन संबंधों का विरोध किया, तो गिरधारी लाल साहू ने उन पर शारीरिक हमला किया, उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मौकों पर उन्होंने उनके आधिकारिक आवास पर कर्मचारियों की मौजूदगी में जाति आधारित अपमानजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल करके उनका अपमान किया। मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें पता चला है कि गिरधारी लाल साहू ने संबंधित कंपनियों में निदेशक पद से उन्हें हटाए जाने को दर्शाने के लिए जाली हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने न तो ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे और न ही कोई इस्तीफा दिया था।

(इनपुट: ANI)

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