उत्तराखंड में भारी बारिश का असर, देवप्रयाग के पास NH-07 बंद और टिहरी में NH-707A बहा
गढ़वाल (उत्तराखंड)। टिहरी गढ़वाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण डिमटा मोड़ के आगे NH-707A पूरी तरह बह गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। डिमटा मोड़ और जीवन आश्रम के बीच सड़क बह जाने के कारण हाईवे को बंद कर दिया गया है। हाईवे को हुए नुकसान के बाद वाहनों को मसूरी मोड़ से विकासनगर की ओर डायवर्ट किया जा रहा है।
देवप्रयाग के पास NH-07 मलबे से बंद
ऋषिकेश-कीर्तिनगर रूट पर देवप्रयाग के पास मलबा जमा होने से NH-07 भी बंद हो गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की आठ सड़कें और लोक निर्माण विभाग की सात सड़कें भी मलबे के कारण बंद हैं। लगातार बारिश के बीच कई सड़क मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गढ़वाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र में भारी मानसूनी बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। लोगों को मौजूदा स्थिति की जानकारी देने के लिए नियमित सार्वजनिक घोषणाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी किनारे जाने से बचने की सलाह
अधिकारियों ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने और जोखिम भरी गतिविधियों से बचने की अपील की है। इनमें नदियों के पास सेल्फी लेना भी शामिल है। देहरादून में तमसा, टोंस और आसन नदियों का जलस्तर बढ़ा है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण रिस्पना नदी में भी पानी का प्रवाह बढ़ गया है।
कुछ इलाकों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
अधिकारियों के अनुसार, उत्तराखंड के कुछ इलाकों में रोजाना 200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश से सड़कों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए निर्देशों का पालन करने को कहा है। आवाजाही रुकने की स्थिति में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
चार धाम यात्रियों से सुरक्षा नियम मानने की अपील
अधिकारियों ने चार धाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आवाजाही प्रतिबंधित होने पर यात्रियों को निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बारिश या सड़क और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने की वजह से यात्रा अस्थायी रूप से रुकने की स्थिति में तीर्थयात्रियों के प्रबंधन की भी व्यवस्था की है। (Source: ANI)