वाराणसी में एमएलसी चुनाव की मतगणना शुरू, 34 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज
वाराणसी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे पहाड़िया मंडी में मतगणना शुरू हो गई। आठ जिलों के 3,23,447 पंजीकृत मतदाताओं के मतदान के बाद अब 34 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला होना है। दोनों सीटों के लिए मतगणना की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकालकर मतपत्रों की गिनती शुरू कराई गई।
मतगणना से पहले सपा ने लगाए गड़बड़ी के आरोप
मतगणना से पहले रविवार और सोमवार की रात पहाड़िया मंडी में समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थकों ने हंगामा किया था। सपा समर्थकों का आरोप था कि कुछ समय के लिए सीसीटीवी कैमरे बंद रहे और बार-बार बिजली काटी गई। पार्टी ने चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मतदान के बाद आठों जिलों की मतपेटियां पहाड़िया मंडी स्थित स्ट्रांग रूम में रखी गई थीं। मंगलवार सुबह निर्वाचन अधिकारियों की मौजूदगी में मतपेटियां बाहर निकाली गईं। मतगणना स्थल पर वैध पास वाले लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। डीसीपी वरुणा राजेश पांडे के अनुसार, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए पीएसी के 27 जवानों की 24 घंटे तैनाती की गई थी। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान गड़बड़ी करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है।
स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा और केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबला
वाराणसी खंड स्नातक सीट पर सपा के निवर्तमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह के बीच मुकाबले पर सबकी नजरें टिकी हैं। स्नातक सीट पर 24, जबकि शिक्षक सीट पर 10 प्रत्याशी मैदान में हैं। वाराणसी खंड में वाराणसी के अलावा चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं।
पिछले चुनाव में सपा ने दर्ज की थी जीत
वर्ष 2020 के चुनाव में आशुतोष सिन्हा ने 26,335 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि केदारनाथ सिंह को 22,685 मत मिले थे। सपा लगातार दो बार से इस स्नातक सीट पर जीत दर्ज करती रही है। ऐसे में इस बार के नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों और समर्थकों की निगाहें मतगणना पर टिकी हुई हैं।
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