काशी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए वाराणसी न

शहर से बाहर शिफ्ट होंगी मीट-मछली की दुकानें, जल कल की मिट्टी की भी होगी नीलामी

Varanasi to Relocate Meat and Fish Markets Outside City Limits

वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। काशी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के भीतर चल रही मीट, मछली और पोल्ट्री (मुर्गा) की दुकानों को अब चरणबद्ध तरीके से शहर की सीमा से बाहर भेजा जाएगा। इसके लिए बकायदा बाहरी इलाकों में जगहें तय कर दी गई हैं। मैदागिन स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई सदन की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस पूरी योजना का खाका पेश किया।

पहले चरण में इन 5 जगहों पर बनेंगे नए बाजार

शहर को जाम और गंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम पहले फेज में पांच खास इलाकों को चुनेगा। इनमें रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर शामिल हैं। इन्हीं जगहों पर मीट-मछली बाजारों को शिफ्ट किया जाएगा। दरअसल, शहरी स्वच्छता, जोनिंग और सावन जैसे पवित्र महीनों में दुकानदारों को आने वाली दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, जिस पर अब सहमति बन गई है।

जल कल की मिट्टी बिकेगी, खजाने में आएगा पैसा

सदन की बैठक में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए कई और अहम फैसले भी लिए गए। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने जल कल के सेटलिंग टैंक से निकली करीब 40 हजार क्यूबिक मीटर मिट्टी को तुरंत नीलाम करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम से नगर निगम के राजस्व (कमाई) में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत बन रही छह प्रमुख सड़कों का काम समय पर पूरा करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर पर स्थिति साफ, बहेलीपुर की इमारत सुरक्षित

बैठक में काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर को लेकर चल रही आशंकाओं को भी दूर किया गया। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि भेलूपुर जल कल की ऐतिहासिक इमारत को बिल्कुल नहीं छुआ जाएगा, वह पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए वहां मौजूद खाली जमीन का इस्तेमाल होगा। साथ ही, यहां बड़े पैमाने पर सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, व्यापार को बेहतर ढंग से चलाने के लिए शिवपुर में 500 दुकानों वाला एक रिटेल फल बाजार विकसित करने के प्रस्ताव पर भी बातचीत हुई।

ई-रिक्शा से पहुंचे अधिकारी, दिया 'नो फ्यूल डे' का संदेश

इस बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के एक बेहद खास संदेश के साथ हुई। मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल समेत तमाम अधिकारी ई-रिक्शा में सवार होकर टाउन हॉल पहुंचे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण बचाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के देशव्यापी आह्वान के तहत नगर निगम हर शनिवार को 'नो फ्यूल डे' मनाता है। अधिकारियों ने खुद गाड़ी न चलाकर इस मुहिम को और मजबूत किया।

सदन में गूंजे जनता से जुड़े मुद्दे

इस दौरान पार्षदों ने जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर तीखी बहस की। बैठक में स्थानीय तालाबों पर अवैध कब्जे, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और शहर के नए शामिल हुए वार्डों में पानी का कनेक्शन पहुंचाने जैसे जरूरी मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। कुल मिलाकर, वाराणसी नगर निगम अपनी विरासत को सहेजने के साथ-साथ काशी को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। (एएनआई)

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