बैतूल के दिव्यांग तैराक रामबरन पाल ने रचा इतिहास: इंग्लिश चैनल पार कर पूरा किया चुनौतीपूर्ण सफर
बैतूल (मध्य प्रदेश)। विक्रम अवॉर्डी दिव्यांग अंतरराष्ट्रीय तैराक रामबरन पाल ने आखिरकार इंग्लिश चैनल पार कर इतिहास रच दिया। 24 सितंबर को सुबह 8.58 बजे इंग्लैंड के डोवर से शुरू हुआ उनका चुनौतीपूर्ण सफर 21 घंटे 20 मिनट बाद 25 सितंबर की सुबह 6.18 बजे फ्रांस पहुंचकर पूरा हुआ। इस ऐतिहासिक अभियान में उन्होंने पद्मश्री एवं अंतरराष्ट्रीय पैरा तैराक डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया के साथ हिस्सा लिया।
इस अभियान में भिंड के गजेंद्र सिंह कुशवाह भी जुड़े
कड़ाके की ठंड, समुद्र की कठिन परिस्थितियों और लगातार कई घंटों तक तैराकी के बावजूद रामबरन ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष खराब मौसम के कारण उनका इंग्लिश चैनल पार करने का प्रयास शुरू नहीं हो सका था। इस बार उन्होंने पूरी तैयारी के साथ चुनौती स्वीकार की और उसे सफलतापूर्वक पूरा कर दिया। रामबरन पाल के साथ इस अभियान में भिंड के गजेंद्र सिंह कुशवाह भी जुड़े रहे। वहीं डॉ. सतेन्द्र सिंह लोहिया ने अपनी तीसरी इंग्लिश चैनल क्रॉसिंग पूरी की। रामबरन की सफलता ने बैतूल के साथ मध्यप्रदेश को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पदक जीते
रामबरन पाल अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 22 पदक जीत चुके हैं। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें वर्ष 2006 में मध्यप्रदेश के सर्वोच्च खेल सम्मान विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वे बैतूल नगर पालिका के स्विमिंग पूल में कोच के रूप में तैराकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनकी इंग्लिश चैनल फतह दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए यह संदेश भी देती है कि शारीरिक चुनौतियां दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।
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