मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में अघोषित बिजली कटौती

शाजापुर में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, विद्युत केंद्रों पर जड़े ताले, बड़े आंदोलन की चेतावनी

शाजापुर में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण

शाजापुर: जिले में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से किसानों और ग्रामीणों की परेशानी अब विरोध प्रदर्शन में बदलने लगी है। शुक्रवार शाम बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधा आने से नाराज ग्रामीणों ने खड़ी डोडिया विद्युत केंद्र सहित सुंदरसी और पोलाय खुर्द ग्रिड पर ताले जड़ दिए। ग्रामीणों ने विद्युत कार्यालयों के बाहर नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो गुलाना तहसील के गांवों से किसान ट्रैक्टरों में भरकर जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और आंदोलन करेंगे।

बिजली कटौती से खेती और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय लोड मैनेजमेंट के नाम पर हर आधे घंटे में बिजली काटी जा रही है। दिन में भी 8 से 10 बार बिजली ट्रिप होने से घरेलू और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से खेतों में सिंचाई के लिए मोटर पंप नहीं चल पा रहे हैं। सोयाबीन की फसल निकालने के बाद खेतों में पानी की जरूरत है, लेकिन अनियमित आपूर्ति के कारण फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। बिजली कटौती का असर केवल खेती तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रात में घरों में अंधेरा रहने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। 

बिजली कटौती पर करणी सेना की चेतावनी

वहीं, 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व को लेकर गरबा पंडालों और अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियों पर भी बिजली कटौती का असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रात में अंधेरे का फायदा उठाकर मोटर और केबल चोरी की घटनाएं हो रही हैं। अघोषित बिजली कटौती को लेकर करणी सेना परिवार ने भी नाराजगी जताई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सर्व किसान समाज को साथ लेकर शाजापुर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। 

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