बिजली के लिए सड़क पर उतरे ग्रामीण, सरपंच ने लेटकर जताया विरोध
शिवपुरी,(मध्य प्रदेश)। जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज ग्रामीण रविवार सुबह सड़क पर उतर आए। सरपंच अतर सिंह लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुबह करीब 6 बजे सिरसौद-पिछोर मार्ग पर चक्काजाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरपंच अतर सिंह लोधी सड़क पर लेट गए और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।
करीब तीन घंटे तक चला चक्काजाम
करीब तीन घंटे तक चले चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने मानवता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को बिना रोके गुजरने दिया। सूचना मिलते ही अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन
बाद में बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लोड सेटिंग के नाम पर प्रतिदिन 10 से 12 घंटे बिजली कटौती की जा रही है।
बार-बार बिजली जाने से लोगों का जीना मुश्किल
खासकर रात में बार-बार बिजली जाने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। गर्मी और उमस के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में अंधेरे के कारण एक महिला छत से गिरकर घायल भी हो गई थी।
सिरसौद सहित आसपास के करीब 15 गांव प्रभावित
सरपंच अतर सिंह लोधी ने बताया, कि क्षेत्र में एक घंटे बिजली दी जाती है तो अगले ही घंटे फिर कटौती कर दी जाती है। इस व्यवस्था से सिरसौद सहित आसपास के करीब 15 गांव प्रभावित हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों में भेदभाव की भावना पैदा हो रही
सरपंच ने यह भी आरोप लगाया, कि सिरसौद से करीब 5 किलोमीटर दूर करैरा कस्बे में लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती नहीं की जाती, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली काटी जा रही है। इससे ग्रामीणों में भेदभाव की भावना पैदा हो रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली कटौती पर जल्द रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में फिर से सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।
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