विश्वकर्मा पूजा सृजन, श्रम और निर्माण के सम्मान का पर्व: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने भगवान विश्वकर्मा पूजा के पावन पर्व पर देश एवं प्रदेशवासियों को अनंत शुभकामनाएं और हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वास्तुकार और शिल्पकार देवता भगवान विश्वकर्मा जी को सृजन, निर्माण, शिल्प एवं तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है। उनकी पूजा का यह पावन पर्व हमारी समृद्ध श्रम, शिल्प और निर्माण परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व उन सभी श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों, तकनीशियनों, उद्यमियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के परिश्रम व योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सुनहरा अवसर भी है।
श्रम और सृजन विकास की आधारशिला
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रम और सृजन विकास की आधारशिला हैं। श्रमिक और शिल्पकार अपनी मेहनत, हुनर और समर्पण से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर्म के प्रति निष्ठा, कौशल के सम्मान और निरंतर सृजन की प्रेरणा देती है।
प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की कृपा और आशीर्वाद देश और प्रदेश के प्रत्येक परिवार पर बना रहे। हर घर में सुख-शांति और समृद्धि आए तथा किसान, श्रमिक, कारीगर, व्यापारी, उद्यमी, नौजवान और समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवन में खुशहाली आए। उन्होंने सभी के जीवन में उन्नति और प्रगति के नए अवसर मिलने की कामना की।
उत्तर प्रदेश की निरंतर प्रगति की कामना
केशव प्रसाद मौर्य ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि उनके आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे। उन्होंने प्रदेश में शांति, समृद्धि और खुशहाली के विस्तार की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि आए और प्रत्येक परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो।
श्रद्धा और उल्लास के साथ पर्व मनाने की अपील
उपमुख्यमंत्री ने सभी देश और प्रदेशवासियों से श्रद्धा, उल्लास और सेवा भावना के साथ विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
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