कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से नवगाछिया के रंगरा चौक

बनिया के पास 15 मीटर टूटा तटबंध, आसपास के इलाकों में तेजी से फैला पानी

बिहार की कोसी नदी का बढ़ा जलस्तर (ANI Photo)

नवगाछिया: कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और बढ़ते दबाव ने रंगरा चौक ब्लॉक में नए सिरे से दहशत पैदा कर दी है। बनिया गांव के पास रेलवे लाइन का एक पुराना तटबंध दबाव के कारण टूट गया, जिससे लगभग 15 मीटर हिस्सा बह गया। तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों की ओर बढ़ गया, जबकि साधोपुर-बनिया सड़क का लगभग आधा हिस्सा भी पानी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया।

रेलवे तटबंध टूटने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, रात भर तेज हवाओं और बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे रेलवे लाइन के तटबंध पर दबाव लगातार बढ़ता गया। बढ़ते दबाव के कारण देर रात तटबंध का लगभग 15 मीटर हिस्सा अचानक टूट गया, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैलने लगा। तटबंध टूटने के बाद निकला बाढ़ का पानी साधोपुर, मसूदनपुर-बैसी, भवानीपुर, नवगाछिया-बनिया और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ रहा है, जो पहले से ही बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे थे। तटबंध टूटने से क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है और साधोपुर-बनिया सड़क का लगभग आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे इलाके में आवागमन बाधित होने की आशंका है।

प्रशासन ने मरम्मत कार्य किया शुरू

मद्राउनी और चपर सहित रंगरा ब्लॉक के कई गांव तटबंध टूटने से पहले ही बाढ़ के पानी से घिरे हुए थे। अधिकारियों को आशंका है कि बनिया के पास नए तटबंध टूटने से स्थिति और बिगड़ सकती है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण बढ़ते जल स्तर पर कड़ी नजर रख रहे हैं। तटबंध टूटने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। जिला मजिस्ट्रेट अलंका पांडे स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं और तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से पर मरम्मत का काम शुरू हो चुका है।

तेज बहाव के बीच तटबंध की मरम्मत चुनौतीपूर्ण

विभागीय कर्मचारियों और संसाधनों को घटनास्थल पर तैनात कर दिया गया है। हालांकि, पानी के तेज बहाव के कारण श्रमिकों को मरम्मत में काफी कठिनाई हो रही है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज बहाव के बीच तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द से जल्द मरम्मत करना है। प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ मरम्मत कार्य जारी है। दरार से लगातार पानी बहता रहने के कारण, आसपास के गांवों के निवासी इलाके में बाढ़ के बढ़ते खतरे को लेकर चिंतित हैं। 

(इनपुट: ANI)

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