सरायन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर
सीतापुर: उत्तरप्रदेश के सीतापुर जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी का असर अब नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। शहर के करीब से होकर गुजरने वाली सरायन नदी में जबरदस्त उफान आ गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.30 मीटर ऊपर पहुंच गया है। करीब 17 साल बाद सरायन नदी में इस तरह का उफान आने से नदी किनारे बसे मोहल्लों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लोगों ने पलायन किया शुरू
शहर के सरायन नदी का पानी दुर्गापुरवा, मछलीमंडी और तरीनपुर मोहल्लों के संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। नदी किनारे बनी झोपड़ियों और कई घरों में पानी भरने के बाद लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया। एसडीएम जनार्दन कुमार का कहना है कि स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सेल्टर होम पहुंचाया है। प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। शुकुलपुरवा में मानकों की धज्जियां उड़ाने पर ठेकेदार और इंजीनियरों पर गाज गिरी है। इंजीनियर और अधिशासी अभियंता से हिसाब मांगा गया है।
मौके पर पहुंचकर अधिकारी दंग
तहसील में शारदा नदी के तट पर बसे ग्राम शुकुलपुरवा में कटान रोकने के नाम पर सरकारी धन को ठिकाने लगाने की साजिश का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। नदी के स्पर निर्माण कार्य में चल रही खुली धांधली की शिकायत जब जिलाधिकारी राजागणपति आर. तक पहुंची, तो प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी ने बिना किसी देरी के जांच के सख्त आदेश दिए। शिकायत का सच खंगालने के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उप जिलाधिकारी महमूदाबाद और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की संयुक्त टीम जब अचानक मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
स्थलीय निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की लापरवाही साफ नजर आई। सरकारी मानकों को ताक पर रखकर ऐसा घटिया निर्माण कराया जा रहा था जो नदी के एक ही उफान में बह जाता। जांच रिपोर्ट सामने आते ही जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की बख्शिश के दरवाजे बंद कर दिए।
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