चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उन वोटरों के प्रति

पश्चिम बंगाल से विदेश या दूसरे राज्यों में गए वोटरों के प्रति चुनाव आयोग नरम

पश्चिम बंगाल से विदेश या दूसरे राज्यों में गए वोटरों के प्रति चुनाव आयोग नरम

ऐसे वोटरों के कागजात पेश कर सकता है परिवार

कोलकाता।  चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के उन वोटरों के प्रति नरमी बरती है जो विदेश में हैं या अपने देश में किसी दूसरे राज्य में हैं। उनके परिवार का कोई सदस्य एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई को दौरान उनके जरूरी कागजातों को पेश कर सकता है।  राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी की ओर से एक निर्देश में कहा गया है कि एसआईआर के तहत सुनवाई में ऐसे किसी वोटर को बुलाया गया है जो विदेश में रहने के कारण या अपने ही देश में किसी दूसरे राज्य में नौकरी या रोजगार के लिए गया हो और निश्चित तारीख को मौजूद होने में असमर्थ हो तो उन वोटरों के परिवार का कोई भी जिम्मेदार सदस्य उनके जरूरी कागजातों को चुनाव अधिकारियों के समक्ष पेश कर सकता है। चुनाव आयोग की ओर से इस व्यवस्था से विदेश में रहने वाले या अपने देश के किसी दूसरे राज्य में नौकरी या रोजगार या मजदूरी के लिए गए वोटरों को राहत मिली है। पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में मजदूर दिल्ली, मुबंई या गुजरात समेत दूसरे राज्य में मजदूरी के लिए गए हैं। उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को वोटर लिस्ट से नाम कटने की चिता सता रही थी। वे अब निश्चिंत हो गए हैं।  जानकारो के मुताबिक जो वोटर गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं और एसआईआर के तहत सुनवाई में जाने में अस्वस्थ हें, उन्हें यह उम्मीद हुई है कि सुनवाई कर रहे चुनाव अधिकारी उनके भी प्रति नरमी बरतेंगे। एसआईआर का विरोध कर रही टीएमसी ने लगातार विदेश में रह रहे या पश्चिम  बंगाल से दूसरे राज्य मे गए मजदूरों के सुनवाई में मौजूद नहीं हो पाने की समस्या को लगातार उठाया है। अब चुनाव आयोग की आलोचना करने का यह मुद्दा उसके हाथ से निकल गया।  टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने दक्षिण चौबीस परगना के बरूईपुर में अपनी सभा में दो पुरुष और एक महिला को पेश किया जिनको मृत बता कर वोटर लिस्ट से उनके नाम को काट दिया गया है। चुनाव आयोग ने यह स्वीकार किया है कि बीएलओ की गलती से ऐसा हुआ है। अभिषेक बनर्जी ने बीरभूम जिले के रामपुरहाट की सभा में नोबेल पुरस्कार से नवाजे गए अमर्त्य सेन का मुद्दा उठाया कि उन्हें भी सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इसके बाद शांतिनिकेतन के बीएलओ और तीन चुनाव अधिकारी अमर्त्य सेन के घर पहुंचे।

इसे भी पढ़ेंः

ग्रीनलैंड कब्जाने की धमकी के बाद US के खिलाफ जर्मनी, फ्रांस समेत 7 देश एकजुट, संयुक्त बयान जारी

https://www.primenewsnetwork.in/world/seven-countries-including-germany-and-france-unite-against-the-us/103885