NEET प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करेगी बंगाल सरकार, आपराधिक रिकॉर्ड वालों पर रहेगी नजर
हावड़ा,(पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह NEET (UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सुरक्षा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर लागू नहीं होगी।
छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी
गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग द्वारा जारी एक बयान में सरकार ने कहा कि यह निर्णय मामले के सभी पहलुओं की जांच करने और शैलेंद्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में 28 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के मद्देनजर लिया गया है। बयान में कहा गया है, "विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने निर्णय लिया है कि NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।" इसमें यह भी जोड़ा गया कि यह सुरक्षा "माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों" पर लागू नहीं होगी। पश्चिम बंगाल सरकार ने यह भी कहा कि NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित प्रदर्शनों के सिलसिले में पुलिस की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया है और 26 जुलाई को शाम 6 बजे तक इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
असम और बिहार मे भी छात्रों पर हुए केस वापस
इससे पहले, असम और बिहार सरकारों ने भी NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ शुरू किए गए मामलों और अन्य कानूनी कार्यवाही को वापस लेने की घोषणा की थी। धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कर दिया गया था। सरकार ने तब मुख्य न्यायाधीश और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ मामले वापस लेने, पुलिस की धमकियों को रोकने और पेपर लीक विरोधी कानून लाने पर सहमति जताई थी। (ANI)
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